उत्तर प्रदेश के आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर, चित्रकूट और फतेहपुर अब विकास की नई कहानियां लिख रहे हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा नीति आयोग के आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के तहत शुरू की गई अभिनव पहलों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इन जिलों में लागू बेस्ट प्रैक्टिस ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ ही लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार किया है।
सिद्धार्थनगर : शिक्षा और कृषि में नवाचार
सिद्धार्थनगर जिले के 560 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण पुस्तकालयों की स्थापना ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। इन पुस्तकालयों ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाई है और उन्हें एक नई दिशा दी है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए यहां ‘वार रूम’ की स्थापना की गई है, जो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में अहम भूमिका निभा रहा है। जिला जेल में बंदियों को सिलाई प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
कृषि के क्षेत्र में भी जिले ने नई पहल की है। काला नमक चावल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देने के लिए सिद्धार्थ फिशरीज डेवलपमेंट फाउंडेशन का गठन किया गया है, जो मछुआरों को तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है।
चित्रकूट : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया आयाम
चित्रकूट जिले में कर्वी ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा स्थापित ऑर्गेनिक शॉप ने स्थानीय किसानों को जैविक उत्पादों के लिए नया बाजार दिया है। ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर खोले गए प्रशिक्षण केंद्र किसानों और युवाओं को आधुनिक तकनीक से अवगत करा रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट में लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर की स्थापना पर विशेष बल दिया जा रहा है। मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की 100% तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
फतेहपुर : शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीक का उपयोग
फतेहपुर जिले में 10 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की गई है। यहां एआई बेस्ड ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर की शुरुआत हुई है, जो देश का पहला ऐसा केंद्र है। कृषि क्षेत्र में बीज भंडार और मृदा परीक्षण लैब की स्थापना से किसानों को नई तकनीक से लाभ हो रहा है।
इसके अलावा गंभीर टीबी मरीजों के लिए हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई है। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत जिले की 27 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
योगी सरकार की इन पहलों ने आकांक्षी जनपदों में विकास की एक नई तस्वीर पेश की है। इन योजनाओं ने न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त किया है, बल्कि आम जनजीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाए हैं।