नई दिल्ली। देश के आकांक्षी (Aspirational) ब्लॉकों में कृषि विकास को गति देने के लिए एग्रीटेक (Agritech) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती इन क्षेत्रों के छोटे किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने की है, जहां आज भी डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट कनेक्टिविटी और निजी निवेश सीमित है।

नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (Aspirational Blocks Programme – ABP) के तहत देश के पिछड़े क्षेत्रों की पहचान कर वहां समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ कृषि मूल्य श्रृंखला (Agricultural Value Chain) को मजबूत किए बिना इन क्षेत्रों में वास्तविक आर्थिक बदलाव संभव नहीं होगा।

डिजिटल कृषि मिशन ने तैयार की मजबूत नींव

भारत ने डिजिटल कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत AgriStack के माध्यम से अब तक 8.4 करोड़ से अधिक किसान आईडी (Farmer ID) तैयार की जा चुकी हैं। अब सबसे बड़ी आवश्यकता इन डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव और खेत-खेत तक पहुंचाने की है, ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

समय पर सलाह से बढ़ सकती है पैदावार

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर वैज्ञानिक सलाह की कमी भारतीय कृषि की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कृषि सलाह प्लेटफॉर्म किसानों को उनकी फसल, स्थानीय मौसम और क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार सही समय पर स्थानीय भाषा में सुझाव उपलब्ध करा सकते हैं।

फोटो भेजते ही मिलेगी रोग और कीट की पहचान

सरकार के नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम (NPSS) के जरिए किसान अपनी फसल की तस्वीर अपलोड कर तुरंत रोग या कीट की पहचान संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय रहते उचित उपचार संभव होगा और फसल नुकसान में कमी आएगी।

भारत VISTAAR जैसे ऐप बन रहे किसानों के साथी

भारत VISTAAR जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों को मौसम की जानकारी, कीट प्रकोप की चेतावनी, बाजार भाव और फसल प्रबंधन संबंधी सलाह एक ही मंच पर उपलब्ध करा रहे हैं। इससे किसान सही समय पर निर्णय ले सकते हैं, अनावश्यक कीटनाशकों के उपयोग में कमी आती है और उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ती है।

आकांक्षी ब्लॉकों में तकनीक पहुंचाना होगा अगला कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार, निजी क्षेत्र और कृषि स्टार्टअप मिलकर आकांक्षी ब्लॉकों तक डिजिटल कृषि सेवाओं का विस्तार करें, तो इससे छोटे किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है। डिजिटल कृषि की मजबूत नींव तैयार हो चुकी है, अब चुनौती इसे अंतिम छोर तक पहुंचाने की है।