देश के डेयरी किसानों, खासकर उत्तर-पूर्व भारत के किसानों के लिए अच्छी खबर है। नेशनल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCDFI) और असम राइफल्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिससे अब सेना की यूनिट्स तक ज्यादा मात्रा में दूध और डेयरी उत्पाद पहुंचाए जाएंगे।
नई दिल्ली में मंगलवार को हुए इस समझौते का मकसद उत्तर-पूर्व क्षेत्र में दूध और डेयरी उत्पादों की सप्लाई बढ़ाना है। इससे डेयरी सहकारी समितियों को हर साल करीब ₹44 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है।
अभी तक अमूल, नंदिनी और वारणा जैसी डेयरी कंपनियां असम राइफल्स की यूनिट्स को UHT दूध और मिल्क पाउडर की सप्लाई कर रही थीं। लेकिन नए समझौते के बाद अब ज्यादा डेयरी सहकारी संस्थाएं भी इस सप्लाई चेन में शामिल हो सकेंगी और सेना की अधिक यूनिट्स तक उत्पाद पहुंचाए जाएंगे।
उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में स्थानीय स्तर पर दूध उत्पादन कम होने के कारण लोग लंबे समय तक चलने वाले UHT दूध और मिल्क पाउडर का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इस समझौते से न केवल सेना को नियमित सप्लाई मिलेगी, बल्कि किसानों और डेयरी सहकारी समितियों को भी बड़ा बाजार मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्तर-पूर्व में डेयरी कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।