भारत में सबसे ज्यादा आलू की पैदावार उत्तर प्रदेश में होती है। आगरा, फर्रुखाबाद, हापुड़, अमरोहा जिले आलू की पहचान हैं। आलू का आधुनिक तरीकों से चिप्स बनाने वाली कंपनियां अब किसानों से गुलाबी व हरा आलू की खेती करने को प्रोत्साहित कर रही हैं।

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में अब पेरू देश की तर्ज पर बनने वाला अंतर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र 10 हेक्टेयर में बनेगा। इससे आलू उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा, उन्हें नई प्रजाति की आलू के लिए बीज उपलब्ध होंगे।
इससे आलू उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्हें नई प्रजाति की आलू के लिए बीज उपलब्ध होंगे।

उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादन में 27 फीसदी का अहम योगदान निभाने वाला आगरा दशकों से आलू अनुसंधान केंद्र पेरू अमेरिका की शाखा स्थापित करने की मांग कर रहा था। इससे यहां के एक लाख से अधिक आलू उत्पादक किसानों को आलू की उपज वाली निर्यात और प्रसंस्करण योग्य जलवायु अनुकूल रोगों के प्रतिरोध पोषक तत्वों से भरपूर और लंबे समय तक संग्रहण योग्य आलू बीच की प्रजातियां मिल सकेंगी।

अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान की दक्षिण एशिया में कोई अन्य अनुसंधान शाखा नहीं है। एक केंद्र चीन में स्थापित है। यही कारण है कि चीन विश्व का सबसे बड़ा आलू उत्पादन और निर्यात देश है. यहां निर्यात योग्य आलू प्रजातियों को चीन की परिस्थितियों के अनुकूल विकसित भी किया जाता है।

आलू की खेती, उन्नत बीज, भंडारण, आलू उत्पादन में कम पानी की जरूरत, पैकेजिंग तथा कंपनियों को बिक्री की रणनीति में संबंधित संस्थाओं एवं वैज्ञानिकों का मंच साझा करने के लिए दो दिन का सम्मेलन आगरा में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर आगरा में आलू किसानों के लिए बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जा रहा है. दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सम्मिलित हुए। उन्होंने सिंचाई से लेकर बीज की जानकारी किसानों को दी। आयोजन के दूसरे दिन कृषि विशेषज्ञों ने भी आलू की खेती में नवीन तकनीक के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी। आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर वन बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के द्वारा देश के कुल आलू उत्पादन का एक तिहाई से भी ज्यादा उत्पादन होता है। वहीं अब आलू उत्पादन में इजरायल की नई तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया है। आगरा में इजरायल की नई तकनीक फवारा सिस्टम मशीन का प्रदर्शन किया गया। इस तकनीक से आलू की खेती में पानी की बचत होगी. वहीं उत्पादन भी भरपूर होगा।