कृषक भारती सहकारी लिमिटेड (कृभको) और नीदरलैंड की एक अग्रणी आलू प्रसंस्करणकर्ता कंपनी फार्म फ्राइट्स ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक अत्याधुनिक, उच्च तकनीक वाली आलू प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए एक संयुक्त उद्यम समझौते (जेवीए) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते पर कृभको के प्रबंध निदेशक एमआर शर्मा और फार्म फ्राइट्स के अध्यक्ष पीटर डी ब्रुइने ने कृभको के अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह और अन्य बोर्ड सदस्यों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
इस परियोजना के तहत शाहजहांपुर में नीदरलैंड से उच्च उपज वाली आलू की किस्मों जैसे सैंटाना और क्विंटेरा की खेती बड़े पैमाने पर की जाएगी। कृभको और फार्म फ्राइट्स की एक समर्पित टीम इन विशेष आलू के बीजों की आपूर्ति करेगी और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
इस परियोजना से शाहजहांपुर और आस-पास के इलाकों में किसानों की आय बढ़ने और सैकड़ों रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति के अनुसार, यह परियोजना एक सुपर मेगा परियोजना होने जा रही है।
कृभको भारत की अग्रणी उर्वरक सहकारी समितियों में से एक है, जो गुजरात के हजीरा में एक मेगा गैस-आधारित यूरिया संयंत्र संचालित करती है, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 23 लाख मीट्रिक टन यूरिया है। इसके पास उत्तर प्रदेश में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कृभको फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के माध्यम से एक और गैस-आधारित उर्वरक परिसर भी है, जो सालाना 11 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन करता है। कृभको ओमान इंडिया फर्टिलाइजर कंपनी का प्रमुख प्रमोटर भी है।
वर्ष 1971 में स्थापित, फार्म फ्राइट्स आलू प्रसंस्करण उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी है। एक निजी स्वामित्व वाली पारिवारिक कंपनी, फार्म फ्राइट्स आलू फ्राई और अन्य आलू-आधारित उत्पादों के उत्पादन में माहिर है। यह दुनिया भर में 100 से अधिक देशों में खाद्य सेवा प्रदाताओं को सेवा प्रदान करता है। फार्म फ्राइट्स सालाना 15 लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू उगाता है और दुनिया भर में खाद्य सेवा प्रदाताओं को 80 से अधिक प्रकार के फ्राई, आलू की खासियतें और ऐपेटाइज़र प्रदान करता है।
कृभको और फार्म फ्राइट्स के बीच संयुक्त उद्यम भारत के आलू प्रसंस्करण उद्योग में एक महत्वपूर्ण विकास को दर्शाता है। इस पहल से उत्तर प्रदेश में आलू की खेती के पारिस्थितिकी तंत्र में वृद्धि को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों को बेहतर बीज, उन्नत खेती तकनीक और सुनिश्चित बाजार पहुंच मिलेगी।