सरकार ने लखनऊ में AI सेंटर की स्थापना के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस सेंटर में AI रिसर्च, स्टार्टअप्स और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े कार्य होंगे। यह सेंटर न केवल तकनीकी विशेषज्ञों को नए अवसर देगा, बल्कि IT सेक्टर में उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 3 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह बजट राज्य में साइबर सिक्योरिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, ऑनलाइन फ्रॉड की रोकथाम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा के लिए उपयोग किया जाएगा। AI सिटी के विकास से लखनऊ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के नए केंद्र के रूप में उभरेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी और आउटसोर्सिंग पर रखे जाने वाले कर्मचारियों को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हर महीने न्यूनतम 16000 से 20,000 रुपये वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही, उनकी भर्ती अब सीधे एजेंसियों के माध्यम से न कर निगम के माध्यम से की जाएगी।
प्रदेश में संविदा पर रखे गए होमगार्ड, पीआरडी जवान, ग्राम चौकीदार, शिक्षामित्र, अनुदेशक, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी, एएनएम, संविदा से जुड़े एवं स्वच्छता से जुड़े सभी कार्मिकों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अन्तर्गत 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा का लाभ दिया जाएगा। कर्मियों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज दिया जाएगा। ऐसे कर्मियों का मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा।