अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक्वा और तंबाकू किसानों के सामने खड़े गंभीर संकट को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय झींगा (प्रॉन) पर लगाए गए नए टैरिफ और घरेलू बाजार में गिरती कीमतों से एक्वा उद्योग प्रभावित हो रहा है, वहीं सिगरेट पर जीएसटी और एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से तंबाकू उद्योग भी भारी दबाव में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में पैदा हुई स्थिति से राज्य के लाखों किसानों और श्रमिकों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से टैक्स ढांचे को तर्कसंगत बनाने और राहत पैकेज देने की अपील की।
नायडू ने बताया कि अमेरिका द्वारा भारतीय प्रॉन पर लगाए गए टैरिफ से आंध्र प्रदेश का लगभग ₹25,000 करोड़ का एक्वा उद्योग प्रभावित हो सकता है। इससे राज्य के करीब 2.5 लाख एक्वा किसान परिवारों और इस क्षेत्र में काम करने वाले 30 लाख से अधिक श्रमिकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार में एक्वा उत्पादों की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक गिरावट आई है। किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने झींगा फीड की कीमत में ₹9 प्रति किलोग्राम की कमी की है और बिजली ₹1.50 प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से कार्यशील पूंजी सीमा में 30 प्रतिशत की कटौती, ब्याज भुगतान पर आठ महीने की मोहलत और अस्थायी रूप से 5 प्रतिशत जीएसटी राहत देने की मांग की। उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत कर टैरिफ कम कराने के साथ-साथ यूरोपीय संघ, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे नए बाजारों में एक्वा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की भी अपील की।
नायडू ने सशस्त्र बलों के भोजन में झींगा को शामिल करने और किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग भी रखी। इसके अलावा दक्षिण भारत से उत्तर भारत तक झींगा की आपूर्ति के लिए विशेष कार्गो ट्रेनें शुरू करने का सुझाव दिया।
उन्होंने राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) से ₹100 करोड़ के कोष के साथ आंध्र प्रदेश में “प्रॉन प्रोड्यूसर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी” गठित करने के लिए वित्तीय सहायता देने की मांग की।
वहीं तंबाकू उद्योग को लेकर मुख्यमंत्री ने अलग पत्र लिखकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 1 फरवरी से सिगरेट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा एक्साइज ड्यूटी भी 1,000 सिगरेट पर ₹2,050 से बढ़ाकर ₹8,500 कर दी गई है, जिससे बिक्री और कीमतों में भारी गिरावट आई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस वर्ष तंबाकू का भाव ₹280 प्रति किलोग्राम से घटकर ₹250 प्रति किलोग्राम रह गया है। व्यापारियों ने खरीद कम कर दी है, जबकि निर्यातक भी वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस संकट से 43,000 से अधिक तंबाकू किसानों और इस उद्योग पर निर्भर लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। नायडू ने चेतावनी दी कि यदि कानूनी सिगरेट पर टैक्स का बोझ लगातार बढ़ता रहा, तो अवैध तंबाकू उत्पादों की बिक्री बढ़ सकती है।