किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और लोगों को शुद्ध अन्न, दूध, फल-सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार बड़े स्तर पर गो आधारित खेती का अभियान शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत 1 करोड़ से ज्यादा किसानों को गो आधारित खेती से जोड़ा जाएगा।

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि ग्राम-ऊर्जा मॉडल को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहली बार गांव-गांव जाकर किसानों को इस पद्धति का प्रशिक्षण, संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

गांवों में गोशालाओं के जरिये बायोगैस, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत और घनजीवामृत का उत्पादन होगा। इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की रासायनिक उर्वरक व कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी। अनुमान है कि इस मॉडल से प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये तक की बचत होगी।

साथ ही, जैविक उत्पादों के उपयोग से लोगों की सेहत बेहतर होगी और खेतों की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहेगी।