पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियन ने राज्य के कपास उत्पादक जिलों में फसल की स्थिति पर पखवाड़ा रिपोर्ट (Bi-weekly report) देने के निर्देश सभी मुख्य कृषि अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि DSR (डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस) अपनाने वाले किसानों के खेतों का सत्यापन 10 अगस्त 2025 तक पूरा किया जाए, ताकि ₹1,500 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे खातों में भेजी जा सके।

कीट और जलभराव पर सख़्त निगरानी
मंत्री ने निर्देश दिया कि कपास की फसल में पिंक बॉलवर्म, व्हाइटफ्लाई, जस्सिद और थ्रिप्स जैसे कीटों पर कड़ी नज़र रखी जाए और समय रहते नियंत्रण किया जाए। धान की फसल में राइस ड्वॉर्फ वायरस से बचाव के लिए किसानों को तत्काल मार्गदर्शन देने पर भी ज़ोर दिया गया। फाजिल्का और कपूरथला में बारिश से बने जलभराव पर चिंता जताते हुए उन्होंने ज़िला प्रशासन और अन्य विभागों की मदद से तुरंत जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा।

उर्वरक निगरानी व DSR में बढ़त
कृषि विभाग के अनुसार, कपास में 8 कीट-प्रभावित क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जहाँ पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की सिफारिश के अनुसार कीटनाशक दिए जा रहे हैं। फिलहाल कीट संक्रमण आर्थिक सीमा से नीचे है। DSR तकनीक में इस बार 47% अधिक रकबा कवर हुआ है और अब तक 20,000+ किसानों को ₹27 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।