कश्मीर के सेब उत्पादक इलाकों में बार-बार हो रही ओलावृष्टि (हेलस्टॉर्म) ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रहे नुकसान के बाद अब किसान फसल बीमा योजना लागू करने की मांग तेज कर रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले एक महीने में कश्मीर घाटी में कम से कम 7 बार ओलावृष्टि हुई है। इन घटनाओं से सेब के बागानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

ऑल कश्मीर फ्रूट ग्रोअर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बशीर अहमद बशीर ने कहा कि अभी नुकसान का पूरा आकलन नहीं हुआ है, लेकिन बार-बार पड़ रही ओलावृष्टि से सेब की फसल को गंभीर क्षति पहुंची है।

किसानों की बढ़ती चिंता

कश्मीर का सेब उद्योग लाखों लोगों की आजीविका का मुख्य आधार है। ऐसे में बार-बार हो रहे मौसम के बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की आय पर सीधा असर पड़ रहा है।

फसल बीमा की मांग क्यों?

किसानों का कहना है कि:

  • प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बीमा जरूरी है
  • बार-बार नुकसान झेलना छोटे किसानों के लिए मुश्किल हो रहा है
  • सरकार को जल्द से जल्द सेब किसानों के लिए विशेष बीमा योजना लानी चाहिए

क्या हो सकता है असर?

अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो सेब उत्पादन और किसानों की आमदनी दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है। ऐसे में फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक जरूरी सहारा बन सकती है।