लखीमपुर खीरी में मक्का की खेती से किसानों को हो रहा जबरदस्त मुनाफा, आधुनिक मशीन ने बदली तस्वीर
लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश):
लखीमपुर जिले के किसान इन दिनों मक्का की खेती से जबरदस्त मुनाफा कमा रहे हैं। कम लागत में अच्छी पैदावार और बाजार में मक्के की लगातार बढ़ती मांग ने इसे किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बना दिया है। अब आधुनिक तकनीक के साथ खेती करने से न सिर्फ मेहनत कम हो गई है, बल्कि लागत भी घट गई है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है – मक्का हार्वेस्टिंग मशीन।
अब नहीं पड़ती मज़दूरों की जरूरत
पहले मक्का की कटाई के वक्त मजदूरों की कमी एक बड़ी समस्या होती थी। खेतों में तैयार फसल समय पर नहीं कट पाती थी और नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन अब किसानों के लिए यह समस्या बीते दिनों की बात हो गई है। मक्का हार्वेस्टर मशीन ने कटाई के काम को न सिर्फ आसान कर दिया है, बल्कि कई गुना तेज भी कर दिया है।
एक मशीन… चार काम!
यह मशीन एक बार में मक्के की कटाई, थ्रेसिंग (गहाई), दानों को छांटने और इकट्ठा करने जैसे चार महत्वपूर्ण काम करती है। इसमें लगा विशेष कटर-बार सिस्टम फसल को काटता है और फिर कन्वेयर बेल्ट के जरिए उसे थ्रेसिंग यूनिट में भेजता है। वहां रगड़ और झटकों से दाने अलग हो जाते हैं और साफ होकर मशीन में लगे टैंक में इकट्ठा हो जाते हैं।
गिरी हुई फसल भी नहीं जाती बेकार
इस मशीन की एक और बड़ी खासियत है कि यह खेत में गिरी हुई फसल को भी काट सकती है। इसके 14 फीट लंबे कटर एक बार में कई कतारों की फसल काट लेते हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। दाने एकत्र होने के बाद सीधे कंटेनर में भर दिए जाते हैं, जिससे बाजार तक ले जाने में सुविधा मिलती है।
किसानों के लिए वरदान साबित हो रही मशीन
इस मशीन के उपयोग से न सिर्फ समय की बचत होती है, बल्कि मेहनत और लागत भी घट जाती है। यही कारण है कि लखीमपुर खीरी के किसान अब तेजी से इसकी ओर रुख कर रहे हैं। मक्का की बढ़ती मांग और बेहतर कीमत मिलने के चलते, यह मशीन अब किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है।