नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून 26 मई को केरल तट पर पहुंच सकता है, जो सामान्य तिथि 1 जून से लगभग 6 दिन पहले है।

आईएमडी ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 16 मई तक दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है, जबकि इसकी सामान्य तिथि 20 मई मानी जाती है।

मौसम विभाग ने अपने बयान में कहा कि इस वर्ष मानसून केरल में 24 मई के आसपास पहुंच सकता है, जिसमें ±4 दिन की त्रुटि सीमा संभव है। ऐसे में 26 मई को मानसून केरल पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

इस बार मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि आईएमडी ने जून से सितंबर के बीच सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई है। इसके पीछे सुपर एल नीनो की स्थिति को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

आईएमडी के अनुसार, वर्ष 2005 से 2025 तक मानसून आगमन की उसकी परिचालन भविष्यवाणियां अधिकांश मामलों में सही साबित हुई हैं। केवल 2015 में अनुमान वास्तविक तिथि से अलग रहा था।

मौसम विभाग ने कहा कि केरल में मानसून का आगमन भारतीय मुख्य भूमि में मानसून की शुरुआत का संकेत माना जाता है। मानसून के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ ही देश के कई हिस्सों को भीषण गर्मी से राहत मिलने लगती है।

आईएमडी मानसून के आगमन का अनुमान लगाने के लिए छह प्रमुख मौसमीय संकेतकों का उपयोग करता है। इनमें उत्तर-पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान, दक्षिण प्रायद्वीप में प्री-मानसून वर्षा, विभिन्न क्षेत्रों में आउटगोइंग लॉन्ग वेव रेडिएशन (OLR) तथा हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के ऊपर हवाओं की स्थिति शामिल हैं।

पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार 2025 में मानसून केरल में 24 मई को पहुंचा था, जबकि इसका पूर्वानुमान 27 मई का था। वहीं 2024 में मानसून 30 मई को और 2023 में 8 जून को केरल पहुंचा था।