जनवरी महीने में किसानों के लिए यूरिया की उपलब्धता बेहतर रहने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, जनवरी की शुरुआत में उपलब्ध स्टॉक मांग से अधिक होने के कारण उर्वरक को लेकर बनी चिंता में कमी आ सकती है। 2 जनवरी तक यूरिया का क्लोजिंग स्टॉक 38.79 लाख टन दर्ज किया गया, जबकि पूरे महीने के लिए अनुमानित मांग 32.98 लाख टन है।
घरेलू उत्पादन और आयात के जरिए आपूर्ति में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, वहीं रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी होने के कारण अगले महीने मांग में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।
अन्य उर्वरकों की स्थिति भी संतोषजनक
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2 जनवरी तक विभिन्न उर्वरकों का क्लोजिंग स्टॉक इस प्रकार रहा—
• डी-अमोनियम फॉस्फेट (DAP): 17.22 लाख टन
• म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP): 6.14 लाख टन
• कंप्लेक्स उर्वरक (NPK): 35.33 लाख टन
• सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP): 18.41 लाख टन
राज्यों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर केंद्र सरकार ने जनवरी माह के लिए उर्वरकों की मांग का आकलन भी किया है—
• DAP: 4.04 लाख टन
• MOP: 2.35 लाख टन
• कंप्लेक्स उर्वरक: 11.97 लाख टन
• SSP: 3.83 लाख टन
रबी सीजन के लिए अहम समय
नवंबर-दिसंबर का समय रबी फसलों के लिए उर्वरकों की बिक्री का पीक पीरियड माना जाता है। इस दौरान उर्वरकों की समय पर उपलब्धता लक्षित कृषि उत्पादन हासिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। मौजूदा स्टॉक स्थिति को देखते हुए सरकार और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी में उर्वरक आपूर्ति सामान्य से बेहतर रहेगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।