पश्चिम चंपारण के किसानों की बदल रही किस्मत, डेढ़ साल में 2.5 लाख तक की आमदनी का दावा
पश्चिम चंपारण, बिहार।
अमरूद की पारंपरिक किस्मों की तुलना में अब एक नई वैरायटी किसानों की किस्मत बदलने जा रही है। इस अमरूद की प्रजाति का नाम है ‘जैपनीज रेड डायमंड’, जो अब जिले के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। बागवानी विशेषज्ञों और किसानों का दावा है कि इसकी खेती से बहुत कम जोखिम में भी लाखों की कमाई की जा सकती है।
बेतिया के कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ रविकांत पांडे बताते हैं कि इस वैरायटी की सबसे खास बात यह है कि इसमें फलन साल में तीन बार होता है और पौधारोपण के महज 8 महीने बाद ही अमरूद लगने लगते हैं। वहीं दूसरे साल से हर पौधा औसतन 12 किलो तक फल देना शुरू कर देता है।
रविकांत बताते हैं कि अगर किसान जून-जुलाई के महीने में इसकी रोपाई करें तो महज एक साल में यह पौधा पूरी तरह फलने लगता है। खेती का तरीका भी आसान है और यह देश के अधिकांश भागों की जलवायु में आसानी से फलता-फूलता है।
पश्चिम चंपारण के कई किसानों ने इस किस्म की खेती शुरू की है और डेढ़ साल में ही 2.5 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर चुके हैं। अनुमान है कि अगर एक किसान एक एकड़ भूमि में इसकी खेती करता है, तो वह सालाना 6 से 8 लाख रुपए तक की आमदनी कर सकता है।
किसानों का कहना है कि इसकी बाजार में मांग अधिक है और लाल रंग के आकर्षक अमरूद ग्राहकों को खूब पसंद आते हैं। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होने के कारण इस फसल में नुकसान की संभावना बेहद कम होती है।