केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र को विकास का पहला इंजन बताया है और शनिवार को संसद में पेश किए गए बजट में इस क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी योजनाओं की घोषणा की है। इस योजना से कम फसल उत्पादन वाले 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट से कृषि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी। हालांकि, किसान संगठन इन घोषणाओं से नाखुश हैं और उनका कहना है कि बजट से खेती में लगने वाले इनपुट लागत में और बढ़ोतरी होगी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के लिए आवंटन में 2024-25 के संशोधित अनुमान की तुलना में 3,905.05 करोड़ रुपये की कमी आई है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए आवंटन 1,27,290.16 करोड़ रुपये है। 2024-25 के संशोधित अनुमान में मंत्रालय के लिए आवंटन 1,31,195.21 करोड़ रुपये था। पिछले बजट में यह 1,22,528.77 करोड़ रुपये था। मुख्य कमी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रतिष्ठित फसल बीमा योजना के लिए आवंटन में हुई है।
इस बजट में पीएमएफबीवाई के लिए आवंटन में 3,621.73 करोड़ रुपये की कमी की गई है। केंद्र दावा कर रहा है कि इस योजना में और अधिक राज्य शामिल हुए हैं। पिछले संशोधित अनुमान में इस योजना को 15,864 करोड़ रुपये मिले थे जबकि इस बजट में आवंटन 12,242.27 करोड़ रुपये है।