भारत में नैनो खादों—नैनो यूरिया और नैनो डीएपी—की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है। किसान पारंपरिक उर्वरकों की जगह अब इन टिकाऊ और किफायती विकल्पों को अपना रहे हैं। सरकार की पहल, अनुसंधान संस्थानों के प्रयास और उर्वरक कंपनियों के सहयोग से नैनो खादों का उपयोग पूरे देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
सरकार और उद्योग की पहल
किसानों को नैनो खाद अपनाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण शिविर, वेबिनार, खेत-प्रदर्शन, किसान सम्मेलन और क्षेत्रीय भाषाओं में शैक्षिक फिल्में चलाई जा रही हैं। उर्वरक कंपनियां सुनिश्चित कर रही हैं कि नैनो खादें प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (PMKSKs) पर आसानी से उपलब्ध हों।
केंद्रीय उर्वरक विभाग (Department of Fertilizers) इन्हें मासिक आपूर्ति योजना में भी शामिल करता है ताकि किसानों को लगातार उपलब्धता मिलती रहे।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सॉइल साइंस, भोपाल ने हाल ही में संतुलित उर्वरक उपयोग पर राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इसके तहत किसानों को ड्रोन, बैटरी स्प्रेयर और कस्टम हायरिंग सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाएं भी दी जा रही हैं, ताकि वे आसानी से नैनो खाद का छिड़काव कर सकें।
राज्यों में मेगा अभियान
उर्वरक विभाग ने देश के 15 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में नैनो डीएपी को बढ़ावा देने के लिए मेगा अभियान शुरू किया है। वहीं, नैनो यूरिया प्लस का प्रदर्शन 100 जिलों में किया जा रहा है। इन अभियानों में उर्वरक कंपनियां सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं ताकि गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचे।
रिकॉर्ड बिक्री: उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र शीर्ष पर
नैनो खादों की बढ़ती मांग का अंदाज़ा बिक्री आंकड़ों से लगाया जा सकता है।
•उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जहां अब तक 136.39 लाख बोतल नैनो यूरिया और 30.56 लाख बोतल नैनो डीएपी बेचे जा चुके हैं।
•इसके बाद महाराष्ट्र का स्थान है, जहां 99.09 लाख नैनो यूरिया और 51.01 लाख नैनो डीएपी की बिक्री हुई।
•पंजाब, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश भी शीर्ष उपभोक्ता राज्यों में शामिल हैं।
यह जानकारी रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के रूप में साझा की।
राज्यवार बिक्री आँकड़े (लाख बोतल, 500 मि.ली. प्रत्येक)
रैंक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश नैनो यूरिया नैनो डीएपी
1 उत्तर प्रदेश 136.39 30.56
2 महाराष्ट्र 99.09 51.01
3 पंजाब 94.33 9.84
4 गुजरात 86.65 14.41
5 राजस्थान 86.42 21.09
6 मध्य प्रदेश 85.44 27.80
7 पश्चिम बंगाल 77.59 21.62
8 बिहार 70.07 8.81
9 कर्नाटक 60.25 25.61
10 हरियाणा 49.59 3.98
कुल भारत 1083.21 —