पंजाब कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट में अगस्त 2022 के बाद कटे हुए 10 लाख 77 हजार राशन कार्ड बहाल करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा राशन की होम डिलीवरी करने का भी फैसला लिया गया। सैनिक विधवाओं की पेंशन 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है।

कैबिनेट में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाने को मंजूरी दी गई। योगशाला में कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दी गई। दुर्घटनाओं के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए फरिश्ते योजना को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा पीपीएससी के अध्यक्ष के लिए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जितिंदर सिंह औलख के नाम को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान 27 जनवरी को जालंधर स्थित पीएपी से सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) और फरिश्ते योजना शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, पंजाब देश का पहले ऐसा राज्य होगा जहां एसएसएश योजना शुरू होगी। फोर्स के मुलाजिमों की ट्रेनिंग हो चुकी है। प्रत्येक 30 किलोमीटर के दायरे में एसएसएफ की एक गाड़ी तैनात होगी। इसी तरह सड़क पर घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के लिए फरिश्ते योजना शुरू होगी।

राशन कार्डों को फिर से शुरू करने की आप सरकार की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, पंजाब राज्य भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को यह जांच करने की चुनौती दी है कि क्यों और किसके कहने पर इन लाभार्थियों को पहले राशन कार्डों से हटा दिया गया और उन्हें उचित पीडीएस लाभों से वंचित कर दिया गया।

यह बात चंडीगढ़ स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रदेश महासचिवों की बैठक को संबोधन करने के दौरान जाखड़ ने कही।
जाखड़ ने गहन जांच की मांग करते हुए कहा, “अब यह कहकर कि इन्हें ‘सत्यापन प्रक्रिया’ के हिस्से के रूप में हटा दिया गया था, सरकार स्वीकार कर रही है कि उन्होंने धोखाधड़ी से इन गरीबों को राशन सूचियों से हटा दिया था।”

श्री जाखड़ ने सवाल किया कि आम आदमी पार्टी गरीबों का राजनीतिक शोषण करने की कोशिश कर रही है और आज का फैसला लोकसभा चुनावों पर नजर रखते हुए लिया गया एक और फैसला है, पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता ने पूछा कि क्या उन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिनके इशारे पर इन लाभार्थियों को उचित लाभ से वंचित किया गया था।