दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुक्रवार को एक दिन के ठहराव के बाद फिर से अपनी प्रगति शुरू कर दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ने शुक्रवार को निम्नलिखित क्षेत्रों को कवर कर लिया:
•बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के शेष हिस्से
•पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्से
•हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्र
IMD के अनुसार, उनके संख्यात्मक मॉडल भविष्यवाणी कर रहे हैं कि जून के अंत तक बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जिससे उत्तर और मध्य भारत में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है।
उत्तर की ओर खिसक रही है भारी बारिश की पट्टी
अब तक केंद्रीय और पूर्वी भारत में सक्रिय रही बारिश की पट्टी उत्तर की ओर खिसक गई है। इससे हिमालय की तलहटी, पंजाब, हरियाणा और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में अगले कुछ दिनों में मूसलधार बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून ट्रफ फिर से सक्रिय हो सकती है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा की तीव्रता बढ़ेगी।
मानसून की उत्तर सीमा और आगामी विस्तार
इस समय मानसून की उत्तरी सीमा जयपुर, आगरा, रामपुर, देहरादून, शिमला और मनाली से होकर गुजर रही है।
IMD के अनुसार, अगले दो दिनों में यह मानसून राजस्थान, जम्मू-कश्मीर के और हिस्सों, शेष पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के शेष भागों तथा लद्दाख के अन्य हिस्सों को कवर कर सकता है।
इसके बाद यह मानसून पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी प्रवेश कर सकता है।
दक्षिण भारत में वर्षा गतिविधियों में कमी
इस मानसूनी चरण के दौरान दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और मध्य भारत में अब तक हो रही सामान्य से अधिक वर्षा की गतिविधियों में कमी देखी जा सकती है। शेष जून के दौरान वहां सामान्य बारिश होने की संभावना है।
जुलाई के पहले सप्ताह तक उत्तर भारत में अच्छी बारिश की उम्मीद
जलवायु पूर्वानुमान प्रणाली (CFS) के अनुसार, पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में 10 जुलाई तक सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
IMD से मानसून की अगली प्रगति और वर्षा गतिविधियों को लेकर अधिक अद्यतन जानकारी की प्रतीक्षा है।