बागी बलिया के नाम से जाना जाने वाला शहर एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। जनपद के सागरपाली स्थित रटूचक गांव में ‘शेर-ए-बलिया’ चित्तू पांडेय की जमीन पर एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) ने इस जमीन को सालाना 10 लाख रुपये किराए पर लेकर यहां कच्चे तेल की खोज शुरू कर दी है।
बलिया में गंगा बेसिन क्षेत्र के सागरपाली में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मिलने की संभावना के बाद ओएनजीसी ने खुदाई का काम शुरू कर दिया है। सागरपाली क्षेत्र के वैना ग्राम सभा में ओएनजीसी ने स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडे के परिजनों से 12 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया है और प्रत्येक साल उनको 10 लाख रुपये का भुगतान कर रही है।
गंगा बेसिन क्षेत्र के सागरपाली में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मिलने की संभावना के बाद ओएनजीसी ने खुदाई का काम शुरू कर दिया है। मौके पर पूरा सेटअप लगाया गया है. बड़ी-बड़ी मशीनें दूर से ही नजर आ रही हैं। सागरपाली क्षेत्र के वैना ग्राम सभा में ओएनजीसी ने स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडे के परिजनों से 12 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया है और प्रत्येक साल उनको 10 लाख रुपये का भुगतान कर रही है। पहले साल का भुगतान किया भी जा चुका है।
मिली जानकारी अनुसार बताया जा रहा है कि ओएनजीसी ने तीन साल लगातार बलिया से लेकर प्रयागराज तक गंगा बेसिन में सैटलाइट, भू-रासायनिक, गुरुत्वार्षण-चुंबकीय और मैग्नेटो-टेल्यूरिक (एमटी) सर्वेक्षण करवाया था। सर्वे रिपोर्ट में बेसिन की गहराई में बड़े तेल व गैस भंडार होने का पता चला था।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चित्तू पांडेय के परपोते विनय पांडेय ने कहा, ‘मेरे परदादा ने जिस तरह आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी, अब उनकी जमीन पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज होने जा रही है।
इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ चित्तू पांडेय का परिवार बल्कि बलिया के कई किसानों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे और अगर यहां कच्चा तेल मिलता है, तो पूरे जिले के आर्थिक परिदृश्य में बदलाव आएगा।