लखनऊ में 15 से 18 नवम्बर तक नीदरलैंड्स को साझीदार देश का सम्मान देते हुए योगी -सरकार ने बड़ा मेला आयोजित किया है। दूसरी ओर भारत और नीदरलैंड के बीच कृषि साझेदारी के 2025 तक 25 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना पर गहन चर्चा की गई है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इज़राइल की मदद से लाभकारी उत्कृष्टता केन्द्रों का लाभ किसानों को मिल रहा है।
नीदरलैंड्स के कृषि उप-मंत्री जान-कीस गोएट ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में भारत के कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और साझा प्राथमिकताओं को समझना था।
बैठक के दौरान डॉ. चतुर्वेदी ने भारत-नीदरलैंड्स के बीच दीर्घकालिक कृषि सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने भारत सरकार की नीतियों के तहत कृषि में विविधता लाने और छोटे व सीमांत किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज और रोपण सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में जान-कीस गोएट ने नीदरलैंड्स की नई सरकारी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने खाद्य सुरक्षा और किसानों के कल्याण को विशेष महत्व देने की बात कही। नीदरलैंड्स ने भारत में उत्कृष्टता केंद्रों को द्विपक्षीय सहयोग का एक सफल उदाहरण बताया और भविष्य में इस नेटवर्क को और विस्तार देने में रुचि जताई।
बैठक में कृषि मशीनीकरण, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की क्षमता में वृद्धि और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज) के साथ साझेदारी में व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, भारतीय कृषि श्रमिकों के लिए नीदरलैंड्स में रोजगार के अवसरों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में भारतीय पक्ष से अपर सचिव श्री प्रमोद कुमार मेहेड़ा, सुश्री शुभा ठाकुर और आईसीएआर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं, नीदरलैंड्स की तरफ से राजदूत सुश्री मारिसा जेरार्ड्स, कृषि सलाहकार, सीडएनएल के निदेशक और एक वरिष्ठ नीति अधिकारी ने भाग लिया।
