मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके बाद कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया। वहीं मंदसौर में भी तेज मावठे की बारिश हुई, जिससे यहां की कृषि उपज मंडी में भारी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से किसानों की लाखों-करोड़ों रुपए के लहसुन की फसल भीग गई। जिसके बाद मंडी में व्यापारियों ने उस लहसुन को खरीदने से इंकार कर दिया। यह घटना प्रदेश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडियों में से एक मंदसौर मंडी में हुई, जहां देशभर से किसान अपना माल बेचने आते हैं।

बता दें कि इस समय मंदसौर कृषि उपज मंडी में लहसुन के दाम 12,000 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 30,000 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं। शुक्रवार को दोपहर से पहले कई किसानों ने अच्छा दाम पाकर अपनी उपज बेच दी थी, लेकिन बारिश के बाद उनकी फसल भीग गई और व्यापारी उन्हें खरीदने से पीछे हट गए। किसान इस बात से नाराज हैं कि मंडी में माल को सुरक्षित रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसकी वजह से उनकी मेहनत पानी में बह गई।

दूसरी तरफ अचानक हुई बारिश से मंदसौर में होने वाली अफीम की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। जिले के में सर्दियों की बारिश के बीच कई जगह ओलावृष्टि भी हुई है। वहीं आसमान में संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मंडी के प्रभारी ने बताया कि, हम मौसम के बदलाव के बारे में किसानों को लगातार सूचित कर रहे थे, लेकिन फिर भी वे अपनी उपज खुले में रख रहे थे।

मंडी में माल को व्यवस्थित क्षेत्र में खाली करवाने की कोई व्यवस्था नहीं होने के चलते किसानों ने अपने माल को ओपन मैदान में ही खाली कर दिया। दोपहर बाद जब तेज बारिश हुई तो उनकी उपज पानी में तैरने लगी। बता दें कि, इन दिनों लहसुन के दाम सातवें आसमान पर है। खास बात यह है कि करीब 5 साल बाद किसानों को इस उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं।

इस मंडी में लहसुन के दाम ऊंचे मिलने के कारण वे मंदसौर की कृषि उपज मंडी में अपना माल बेचने आए थे।सुबह ही किसानों ने मंडी के गार्ड की मौजूदगी के अपनी उपज खाली करवा दी। दोपहर बाद जब तेज बारिश हुई तो फसल भीग गई। करीब 25000 प्रति क्विंटल के भाव से बिकने वाला लहसुन के गीले होने के बाद व्यापारियों ने उसे खरीदने से इनकार कर दिया। फिर बारिश कहर बनकर नुकसान बरपा गयी है।