क़रीब 2000 बांस और दो ट्रक सरपत (फूस )की मदद से संगम क्षेत्र में बनकर तैयार सात मंजिला का यज्ञशाला । इस यज्ञशाला में बड़ी तादाद में साधु-संतों के अलावा श्रद्धालु भी जुटेंगे।
संगम लोवर मार्ग पर सात मंजिला फूस की झोपड़ी महाकुंभ में हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। यह झोपड़ी धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के धर्मसंघ शिविर में बन रही है। धर्मसंघ शिक्षा मंडल दुर्गाकुंड वाराणसी की ओर से संगम लोवर मार्ग पर सात मंजिला झोपड़ी बनकर तैयार हो चुकी है। इस झोपड़ी में महाकुंभ के दौरान सबसे लंबी रामकथा होगी। इसमें ज्ञान, भक्ति, वैराग्य की त्रिवेणी संत मुरलीधर महाराज बहाएंगे।
राम कथा में देश भर से एक हजार से अधिक संतों-भक्तों के बैठने , ठहरने की ब्यवस्था की जा रही है। इस रामकथा के प्रबंधन से जुड़े कृष्णरामावत ने बताया कि कथा 13 से दो फरवरी तक यानी 21 दिन तक चलेगी। सुबह नौ से दोपहर 1:30 बजे तक मुरलीधर महाराज रामकथा की रसवर्षा करेंगे। इस कथा के लिए फूस की झोपड़ी में अनूठा पंडाल बनाया जा रहा है। रामकथा के दौरान देश-दुनिया से आने वाले रामकथा अनुरागी फेरी भी लगा सकेंगे।
मिली जानकारी अनुसार संगम क्षेत्र के सेक्टर-19 में 2000 बोस और दो ट्रक सरपत की मदद से सात तल का भव्य यज्ञ शाला मंडप तैयार किया जा रहा है। यह यज्ञ शाला वाराणसी दुर्गाकुंड के अखिल भारतीय धर्मसंघ की ओर बनवाया जा रहा है। मंडप के अंदर 169 कुंड बनाए जाएंगे। आठ जनवरी तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।
दूसरी ओर कुंभ मेला के लिए पहली ई-बस संचालित की गई हैं। एयरपोर्ट से ई बस शुरू होने का सबसेे ज्यादा फायदा झलवा में रहने वाले और ट्रिपलआईटी के छात्र-छात्राओं को मिला है। एयरपोर्ट से सिविल लाइंस के लिए कुल पांच बसों को लगाया गया है। प्रत्येक आधे घंटे पर इन बसों को संचालन किया जाना है। पहले दिन सुबह दस बजे एयरपोर्ट से सिविल लाइंस के लिए बस चली। हालांकि, एयरपोर्ट से इसमें यात्री नाममात्र के मिले, लेकिन झलवा और ट्रिपलआईटी पहुंचते ही बस फुल हो गई। इस बस में सफर कर रहे ट्रिपलआईटी के अमित, शशांक, पलक, राशि, अभिषेक ओझा ने बताया कि वह ऑटो से ही सिविल लाइंस जाते रहे हैं, लेकिन ई-बस में बैठने का मौका मिला।