वैश्विक स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर और कृषि इनपुट कंपनी ICL Group ने महाराष्ट्र के सुपा, अहिल्यानगर में अत्याधुनिक स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया है। इस परियोजना के साथ कंपनी ने भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करते हुए जल-घुलनशील (Water-Soluble) उर्वरकों के घरेलू उत्पादन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

कंपनी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की आपूर्ति में लगातार आ रही बाधाओं के बीच यह संयंत्र देश में उन्नत वाटर-सॉल्युबल उर्वरकों के निर्माण को बढ़ावा देगा। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

इस परियोजना में इजरायली तकनीक को स्थानीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ा गया है, जिससे फसल-विशिष्ट पोषण प्रबंधन, उर्वरक दक्षता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा।

‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा समर्थन

उद्घाटन अवसर पर Nir Elani ने कहा कि भारत में इस निर्माण इकाई की स्थापना कंपनी के स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर कारोबार के विस्तार की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप किसानों को उत्पादकता और फसल गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगी।

वहीं Eli Amon ने कहा कि महाराष्ट्र स्थित यह संयंत्र स्थानीय स्तर पर उर्वरकों की उपलब्धता और स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक तेजी और आसानी से मिल सकेंगे।

टिकाऊ कृषि पर जोर

Anant Kulkarni ने कहा कि उर्वरक दक्षता और “4R न्यूट्रिएंट स्टूअर्डशिप” — सही स्रोत, सही मात्रा, सही समय और सही तरीके — टिकाऊ कृषि की बुनियाद हैं।

उन्होंने बताया कि संयंत्र में फर्टिगेशन और फोलियर स्प्रे के लिए उपयुक्त नवीन उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जो किसानों को बेहतर पोषण प्रबंधन और अधिक उत्पादन में मदद करेंगे।

स्थानीय रोजगार और कृषि मूल्य श्रृंखला को बढ़ावा

उद्घाटन समारोह में ICL के वरिष्ठ अधिकारी, वितरक, व्यापार साझेदार और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कंपनी का कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र में स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ कृषि मूल्य श्रृंखला को भी मजबूत करेगी।

ICL ने कहा कि वह भारतीय किसानों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी, तकनीक आधारित समाधान और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।