महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ₹2 लाख तक के फसल कर्ज को माफ करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना से करीब 56 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
इस योजना का नाम ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ रखा गया है। इसमें तीन मुख्य हिस्से हैं—कर्ज माफी, वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) और समय पर कर्ज चुकाने वालों के लिए प्रोत्साहन।
कैसे मिलेगा कर्ज माफी का लाभ?
अगर किसी किसान पर कुल ₹2 लाख तक का फसल कर्ज (ब्याज समेत) बकाया है, तो उसका पूरा कर्ज माफ कर दिया जाएगा। यह कर्ज 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया होना चाहिए।
₹2 लाख से ज्यादा कर्ज वालों के लिए क्या नियम?
जिन किसानों का कर्ज ₹2 लाख से ज्यादा है, उन्हें पहले ₹2 लाख से ऊपर की राशि खुद चुकानी होगी। इसके बाद ₹2 लाख तक की राशि माफ कर दी जाएगी। इसके लिए किसानों को 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।
समय पर कर्ज चुकाने वालों के लिए इनाम
जो किसान 2022-23 से 2024-25 के बीच कम से कम दो साल समय पर कर्ज चुका चुके हैं, उन्हें सरकार की तरफ से ₹50,000 तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
और क्या फायदे हैं?
- जिन किसानों का बकाया ₹50,000 से ज्यादा है, वे अतिरिक्त राशि जमा करके ₹50,000 की राहत पा सकते हैं
- पहले की कर्ज माफी योजना का लाभ लेने के बाद भी अगर किसान फिर से कर्ज में फंस गए हैं, तो उन्हें ₹50,000 तक की राहत मिल सकती है
किन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा?
इस योजना का लाभ कुछ लोगों को नहीं मिलेगा, जैसे:
- आयकर देने वाले लोग
- सरकारी कर्मचारी
- राजनीतिक पदाधिकारी
- सहकारी संस्थाओं के ऐसे कर्मचारी जिनकी सैलरी ₹25,000 से ज्यादा है
सरकार क्या कह रही है?
सरकार ने इसे किसानों के लिए बड़ा राहत कदम बताया है और कहा है कि इससे लाखों किसानों को मदद मिलेगी।
विपक्ष और किसान संगठनों की क्या मांग?
विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ घोषणा न रह जाए, बल्कि सही तरीके से लागू भी हो। कुछ नेताओं और किसान संगठनों का कहना है कि:
- सभी किसानों का पूरा कर्ज माफ होना चाहिए
- ₹2 लाख की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए
- समय पर कर्ज चुकाने वालों को ज्यादा प्रोत्साहन मिलना चाहिए
कुल मिलाकर क्या असर होगा?
यह योजना किसानों को आर्थिक राहत दे सकती है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पैसा सही समय पर किसानों तक पहुंचता है या नहीं।