भारत में 2025 को सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। सहकारिता के संस्कारों को मजबूत बनाने वाली कई योजनाएं बनाई गई हैं। राजस्थान में सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत राज्य में सहकारी समितियों की भंडारण क्षमता बढ़ेगी। इससे किसानों को उचित दाम मिलने तक अपनी उपज सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी गई उपज को भी इनमें रखा जा सकेगा।

मिली जानकारी अनुसार राज्य में आगामी जून तक ग्राम सहकारी समितियों (जीएसएस) के लिए 500 मीट्रिक टन क्षमता के 100 गोदामों का निर्माण किया जाएगा। राज्य में 8 हजार ग्राम सहकारी समितियां हैं, लेकिन सभी के पास भूमि उपलब्ध नहीं है। इसलिए जहां भूमि उपलब्ध है वहां गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया भूमि की उपलब्ध हो जाए तो जीएसएम स्तर पर भी गोदामों का निर्माण किया जा सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इन गोदामों में किसान देकर गोदामों में फसल रख सकेंगे। इससे फसलों की बहुत कम मूल्य पर बिक्री रुकेगी और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इससे खरीद केन्द्रों तक और फिर वेयरहाउस उचित दर दुकानों तक खाद्यानों के परिवहन में होने वाले व्यय में कमी आएगी।

प्राप्त जानकारी अनुसार आगामी वितीय वर्ष 2025-26 में 500 मीट्रिक क्षमता के 100 व 250 मीट्रिक क्षमता के 50 गोदामों का जाएगा। इसके लिए राम सेवा सहकारी समिति और क्रय-विक्रय समितियों को 33 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मीट्रिक टन की क्षमता के गोदामों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इस पर 12 करोड़ रुपए खर्च होगे। अभी सहकारी समिति के पास 6 हजार मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता है।