मसलन बचपन से होनहार प्रतिभाओं को पहचानकर उनको उसी तरह की बुनियादी सुविधाएं, प्रशिक्षण और एक्सपोजर दिलाना। इसमें गांव गांव में खुलने वाले ओपन जिम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसीलिए अनुपूरक बजट में भी सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों में ओपन जिम खोलने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

ओपन जिम में ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं निखरेंगीं वहीं सरकार द्वारा संचालित खेलो इंडिया सेंटर और सभी सुविधाओं से आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज में इंटरनेशनल स्तर के कोच के प्रशिक्षण से इनको और निखारा जाएगा। सरकार एक जिला एक खेल (वन डिस्ट्रिक्स,वन स्पोर्ट्स) पर भी गंभीरता से काम कर रही है।

उल्लेखनीय है कि हर जिले में कुछ खास खेल अपेक्षाकृत अधिक प्रचलित होते हैं। संबंधित जिले में उन खेलों को खास प्रोत्साहन देने और उसी अनुसार बेहतरीन बुनियादी सुविधाएं और प्रशिक्षण देने की भी योजना है। मेरठ में युद्ध स्तर पर बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी योगी सरकार की खेल प्रतिभाओं को निखारने में मील का पत्थर बनेगी।

युवा खिलाड़ी नामचीन खिलाड़ियों से प्रेरणा ले सकें इसलिए उनका भी सम्मान किया जा रहा है। हाकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यान चंद के नाम से बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के बाद मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट में बाराबंकी स्थित पद्म श्री बाबू केडी सिंह के बाराबंकी स्थित पैतृक निवास को संग्रहालय घोषित करना भी एक ऐसा ही प्रयास है। इस बाबत सरकार ने अनुपूरक बजट में 19.34 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया है।

ओपन जिम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं निखरेंगी। साथ ही, खेलो इंडिया सेंटर और आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज में इंटरनेशनल स्तर के कोच द्वारा प्रशिक्षण से ये प्रतिभाएं और निखरेंगी। सरकार “एक जिला, एक खेल” (वन डिस्ट्रिक्ट, वन स्पोर्ट्स) योजना पर भी गंभीरता से काम कर रही है। हर जिले में खास खेलों को प्रोत्साहन देने और बेहतरीन बुनियादी सुविधाएं व प्रशिक्षण देने की योजना है। मेरठ में बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी खेल प्रतिभाओं को निखारने में मील का पत्थर साबित होगी।