कोट्टायम (केरल): कहते हैं अगर इरादे नेक हों तो राह खुद-ब-खुद बन जाती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है केरल के कोट्टायम जिले के मनक्कनाड गांव के 23 वर्षीय जोसेमन ने, जिन्होंने किसानों की बर्बाद होती सब्जियों से सबक लेकर एक नया रास्ता चुना। जोसेमन ने गांव के किसानों की बची हुई सब्जियों को सड़ने से बचाने के लिए सब्जियां सुखाने (डिहाइड्रेशन) की यूनिट शुरू की, जो अब सालाना 25 लाख रुपये का राजस्व कमा रही है।
मल्टीमीडिया स्नातक जोसेमन का कृषि या फूड टेक्नोलॉजी से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन 2023 में उन्होंने 9 लाख रुपये का निवेश कर एक अत्याधुनिक सब्जी सुखाने की यूनिट शुरू की। आज उनकी यूनिट हर महीने 2,000 किलोग्राम से अधिक सब्जियां और फल सुखाकर उनका संरक्षण करती है। इनमें जैकफ्रूट (कटहल), कसावा (टैपिओका), केला, नारियल और मांस तक शामिल हैं।
जोसेमन बताते हैं, “मैंने कई बार देखा कि किसान अपनी उपज को बाजार न मिलने के कारण खेतों में ही सड़ने के लिए छोड़ देते थे। तभी मुझे डिहाइड्रेशन तकनीक की उपयोगिता समझ आई।” उन्होंने अपने पिता चाकोचन द्वारा कुछ साल पहले खरीदी गई एक छोटी ड्रायर मशीन का इस्तेमाल करते हुए सबसे पहले नारियल और केले को सुखाने का प्रयोग किया, जो स्थानीय किसानों को काफी पसंद आया।
धीरे-धीरे अन्य किसान भी अपने अधिशेष उत्पाद सुखाने के लिए उनके पास आने लगे। आज जोसेमन का स्टार्टअप सब्जियों को धोकर, काटकर सुखाता है, जिससे बिना किसी प्रिज़र्वेटिव के इनकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है। उन्होंने अपने उत्पादों को ‘JME Enterprises’ ब्रांड के नाम से बाजार में उतारा है, जो स्थानीय स्तर पर खूब पसंद किए जा रहे हैं।
जोसेमन बताते हैं, “शुरुआत में किसानों और ग्राहकों दोनों का भरोसा जीतना सबसे बड़ी चुनौती थी। लेकिन जब उन्होंने हमारे प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता और उचित दाम देखे, तो धीरे-धीरे समर्थन मिलने लगा।”
अब जोसेमन अपनी इकाई का विस्तार करने और सूखे फलों व सब्जियों को मध्य-पूर्व देशों में निर्यात करने की योजना बना रहे हैं। वे कहते हैं, “मेरा उद्देश्य किसानों की मदद करना था। कभी नहीं सोचा था कि यह एक सफल व्यवसाय में बदल जाएगा।”
जोसेमन की कहानी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है कि किस तरह नवाचार और समाज सेवा को एक साथ जोड़कर एक सफल उद्यम खड़ा किया जा सकता है।