छत्तीसगढ़ में जारी यूरिया संकट के बीच किसानों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 60,000 टन अतिरिक्त यूरिया आवंटित किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब खरीफ सीजन में धान की रोपाई और अन्य फसलों के लिए खाद की मांग तेजी से बढ़ रही है।
केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, यूरिया आपूर्ति तीन चरणों में की जाएगी। पहले चरण में 20,000 टन यूरिया सितंबर के पहले सप्ताह में पहुंचेगा। इसके बाद दूसरे चरण में 35,000 टन की खेप सितंबर के दूसरे सप्ताह तक उपलब्ध कराई जाएगी। शेष 5,000 टन यूरिया सितंबर के अंत तक किसानों तक पहुंच जाएगा।
राज्य सरकार ने भी आश्वस्त किया है कि यूरिया वितरण की निगरानी सख्ती से की जाएगी ताकि किसानों तक समय पर खाद पहुंचे। सरकार वैकल्पिक खादों जैसे डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) और अन्य जैविक उर्वरकों के उपयोग को भी प्रोत्साहित कर रही है।
हाल ही में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम और राज्य के सांसदों ने नई दिल्ली में केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर यूरिया संकट की गंभीरता से अवगत कराया था। इसके बाद केंद्र ने तत्काल राहत पैकेज के रूप में 60 हजार टन यूरिया की मंजूरी दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर यूरिया आपूर्ति से किसानों की धान की फसल पर पड़ रहा दबाव कम होगा और उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।