दीपों के पर्व दीपावली पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बार अपनी दीपावली आपदा प्रभावित परिवारों के बीच मनाई। सोमवार को मुख्यमंत्री धामी सहस्त्रधारा क्षेत्र के मझाड़ा गाँव पहुंचे, जहां उन्होंने काली गाड़, मझाड़ा और सहस्त्रधारा के आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में रिवर ट्रेनिंग कार्य और सुरक्षा दीवार निर्माण को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से गाँव की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

संवेदनशीलता और अपनत्व का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री ने गाँव के घरों में जाकर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। “आपदा से प्रभावित हर व्यक्ति की पीड़ा, सरकार की पीड़ा है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

धामी ने आगे कहा कि दीपावली केवल रोशनी का नहीं, बल्कि संवेदनाओं और एकता का त्योहार है। हमें अपने जीवन में भी उम्मीद, सहानुभूति और मुस्कान की ज्योति जलाते रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास और राहत कार्यों को शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि आपदा के कारण बच्चों की पढ़ाई किसी भी हालत में बाधित नहीं होनी चाहिए।

जिन परिवारों के मकान आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। वहीं, जो परिवार फिलहाल किराये पर रह रहे हैं, उनके किराये के भुगतान की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुसार की जाएगी।

मुख्यमंत्री के आगमन से प्रभावित परिवारों में खुशी और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने कहा कि कठिन समय में मुख्यमंत्री का उनके बीच आना और दीपावली मनाना उनके मनोबल को बढ़ाने वाला कदम है।