जिले के मोहम्मदाबाद मंडी में किसानों की मजबूरी एक बार फिर सामने आई है। सरकारी खरीद शुरू होने में देरी के कारण किसान अपनी मेहनत की कमाई औने-पौने दामों में आढ़तियों को बेचने को विवश हैं। सरकार ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2369 प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन बाजार में किसानों को केवल ₹1600 से ₹2100 प्रति क्विंटल तक ही दाम मिल रहे हैं।
मंडी में हर दिन लगभग 10,000 पैकेट धान की आवक हो रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें आलू और गेहूं की बुवाई के लिए पैसे की जरूरत है, इसलिए मजबूरी में उन्हें कम दामों पर ही धान बेचना पड़ रहा है।
मंडी में अलग-अलग धान के भाव:
•मोटा धान: ₹1600 से ₹2000 प्रति क्विंटल
•ताज महीन धान: ₹2000 से ₹2100 प्रति क्विंटल
•1692 प्रजाति का धान: ₹2400 प्रति क्विंटल
•1718 प्रजाति का धान: ₹2600 प्रति क्विंटल
हालांकि सरकारी खरीद में केवल मोटा धान ही लिया जाता है, जिसका MSP ₹2369 प्रति क्विंटल है। ऐसे में किसानों को लगभग ₹500 प्रति क्विंटल का घाटा उठाना पड़ रहा है।
किसानों की व्यथा:
नगला बाग के किसान सुभाष चंद्र ने बताया कि उन्होंने ₹1900 प्रति क्विंटल के भाव पर धान बेचा क्योंकि उन्हें आलू बोने के लिए खाद खरीदनी थी। वहीं नगला घुरुआ के किसान रामवीर ने बताया कि उन्होंने 18 बीघा धान काटकर बेच दिया, लेकिन कम भाव मिलने से उन्हें काफी नुकसान हुआ। किसान प्रेमचंद ने कहा कि बेटी की शादी के कारण उन्हें धान बेचना पड़ा, लेकिन बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहे हैं।
भुगतान में कटौती और जाम की समस्या:
किसानों ने बताया कि मंडी में जगह कम होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं, जो किसान तुरंत भुगतान चाहते हैं, उनसे 2 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है। इस पर सवाल पूछे जाने पर मंडी सचिव नागेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और नाजायज कटौती करने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आढ़तियों का पक्ष:
आढ़ती आकाश गुप्ता ने बताया कि इस समय गंदा धान ज्यादा आ रहा है, जिससे सही दाम नहीं मिल पा रहे। जबकि शोभित अग्निहोत्री का कहना है कि धान की क्वालिटी के हिसाब से ही रेट तय होते हैं और बाहर की पार्टी भुगतान में देरी कर रही है।
किसानों की मांग:
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी खरीद केंद्रों को पहले ही खोला जाए, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उचित दाम मिल सके और उनकी मेहनत का पूरा लाभ उन्हें प्राप्त हो।