भारतीय कृषि क्षेत्र में हाल ही में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटी हैं, जिनमें उर्वरक आपूर्ति, फसल क्षति, डेयरी सुधार और चीनी निर्यात शामिल हैं। इन घटनाओं का किसानों और संबंधित उद्योगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
1.छत्तीसगढ़ को 60,000 टन यूरिया की अतिरिक्त आपूर्ति
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य को 60,000 टन यूरिया की अतिरिक्त आपूर्ति मंजूर की है, जिससे राज्य में यूरिया की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। इस आपूर्ति में से 20,000 टन सितंबर के पहले सप्ताह में, 35,000 टन दूसरे सप्ताह में और शेष 5,000 टन महीने के अंत तक वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री बिश्नु देव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से निरंतर संपर्क किया था।  
2.राजस्थान में भारी बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान
राजस्थान में हाल ही में हुई भारी बारिश ने खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचाया है। अजमेर, टोंक, कोटा, बूँदी, जयपुर और दौसा जिलों में बाजरा, ज्वार, सोयाबीन, मूँग, मूँगफली और तिलहन फसलों में जलभराव और सड़न के कारण उत्पादन में गिरावट आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर के बाद बोई गई फसलों में अच्छे परिणाम की संभावना है, यदि बारिश रुक जाती है।  
3.डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ाने के लिए कर सुधार
उत्तर प्रदेश सरकार ने डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कर सुधारों की घोषणा की है। अब उच्च तापमान पर पाश्चुरीकृत दूध (UHT) और पैक्ड पनीर पर GST समाप्त कर दिया गया है, जबकि मक्खन, घी, पनीर और आइसक्रीम पर GST दरों में कमी की गई है। इन सुधारों का उद्देश्य दूध उत्पादन को तीन गुना बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करना है।
4.चीनी निर्यात में वृद्धि की संभावना
भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है, 2025-26 के मौसम में चीनी निर्यात के लिए तैयार है। भारतीय चीनी और जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISBMA) के अनुसार, आगामी मौसम में चीनी उत्पादन 34.9 मिलियन मीट्रिक टन होने की संभावना है, जिससे घरेलू खपत और इथेनॉल उत्पादन की आवश्यकताओं के बाद निर्यात के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध होगी।