किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने Next-Gen GST Reform 2025 के तहत बड़ा फैसला लिया है। अब ट्रैक्टर और प्रमुख कृषि मशीनरी पर जीएसटी केवल 5% रहेगा। इस दायरे में ट्रैक्टर टायर व पार्ट्स, बायो-पेस्टीसाइड्स, सूक्ष्म पोषक तत्व, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर और विभिन्न कृषि, बागवानी व वानिकी उपकरण शामिल किए गए हैं।
संशोधित जीएसटी दरें (कृषि क्षेत्र)
आइटम पुराना GST रेट नया GST रेट
ट्रैक्टर टायर व पार्ट्स 18% 5%
ट्रैक्टर 12% 5%
बायो-पेस्टीसाइड्स व माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स 12% 5%
ड्रिप इरिगेशन व स्प्रिंकलर्स 12% 5%
कृषि, बागवानी व वानिकी उपकरण (जुताई, फसल कटाई, थ्रेशिंग, बेलर्स, मॉवर्स, कम्पोस्टिंग मशीनें) 12% 5%
किसानों के लिए इसका क्या मतलब है?
•सबसे बड़ी राहत: ट्रैक्टर व कृषि मशीनरी पर टैक्स 12% से घटकर 5%।
•पानी की बचत: ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम सस्ते होंगे, अधिक किसान अपनाएंगे।
•सस्टेनेबल खेती: बायो-पेस्टीसाइड्स और माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स 5% पर मिलेंगे, पर्यावरण हितैषी कृषि को बढ़ावा।
•सस्ता रखरखाव: ट्रैक्टर टायर और पार्ट्स 18% से घटकर 5%, रखरखाव का खर्च घटेगा।
सरकार का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को किसानों और नागरिकों के लिए “त्योहारी तोहफा” बताया। उन्होंने कहा—
“जीएसटी सुधारों की यह नई पीढ़ी हर भारतीय के लिए दिवाली का तोहफा है। आम जनता के लिए टैक्स में बड़ी कटौती होगी। एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को जबरदस्त लाभ मिलेगा। रोज़मर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी और इससे अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।”
बड़ा असर
सरकार का कहना है कि इस ऐतिहासिक राहत से खेती की लागत में कमी आएगी और किसान आधुनिक तकनीक को तेजी से अपना सकेंगे। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करेगा और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और किफायती बनाएगा। खासकर रबी सीजन से पहले किसानों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।