केंद्र सरकार जल्द ही नया बीज अधिनियम (Seeds Act) लाने जा रही है। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने एक राष्ट्रीय किसान उत्पादक संगठन (FPO) सम्मेलन में दी। उन्होंने कहा कि सरकार नकली बीजों और कीटनाशकों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और किसानों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी में है।
मंत्री ने कहा कि इससे पहले 2004 में यूपीए सरकार द्वारा पेश किया गया बीज विधेयक और 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जारी किया गया मसौदा विधेयक, दोनों को किसानों के संगठनों के विरोध के कारण वापस लेना पड़ा था। किसानों का आरोप था कि यह विधेयक बीज उद्योग के पक्ष में था और किसानों के हितों की अनदेखी करता था।
वहीं, बीज उद्योग और वैज्ञानिक समुदाय लंबे समय से 1966 के बीज अधिनियम में संशोधन की मांग कर रहे हैं ताकि कृषि क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों और चुनौतियों का समाधान किया जा सके।
2019 के मसौदा विधेयक में केंद्रीय बीज समिति (Central Seed Committee) के गठन का प्रावधान था, जो केंद्र और राज्यों को बीज अधिनियम के प्रशासन से संबंधित मामलों पर सलाह देती। लेकिन किसानों के विरोध के चलते यह प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ सका।
मंत्री चौहान ने सम्मेलन में कहा कि सरकार अब ऐसा कानून लाने जा रही है जो किसानों के अधिकारों और हितों की पूरी तरह रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को अपने उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जबकि उपभोक्ता अधिक दाम चुका रहे हैं। “यह अंतर कम होना चाहिए,” उन्होंने कहा।
कृषि मंत्री ने FPOs से किसानों को “उत्पादक से उद्यमी” और “व्यापारी” में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल फसल उत्पादन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रसंस्करण (processing) और मूल्य संवर्धन (value addition) पर ध्यान देना चाहिए ताकि उनकी आय बढ़ सके।
उन्होंने कहा —
“किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि उद्यमी बनें। कृषि के साथ प्रसंस्करण और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देना ही किसानों की आय दोगुनी करने का रास्ता है।”
मंत्री चौहान ने यह भी जोड़ा कि सरकार समेकित कृषि (Integrated Farming) को बढ़ावा देने पर काम कर रही है ताकि किसान केवल अनाज पर निर्भर न रहें और पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से भी अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें।
यह कदम न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण को भी सुनिश्चित करेगा।