हरियाणा में नकली खाद और अवैध उर्वरक बिक्री पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि दोषी पाए जाने वाले निजी डीलरों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यूरिया व डीएपी की कालाबाजारी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा
मंत्री राणा ने चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों में यूरिया और डीएपी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने डीडीए (उपनिदेशक कृषि) से क्रमवार रिपोर्ट ली और कहा:
•खाद, कीटनाशक व बीज की अवैध बिक्री किसी सूरत में स्वीकार्य नहीं
•जांच में दोषी मिलने पर दुकानदारों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई
•कृषि विभाग के संलिप्त अधिकारियों पर भी होगी सख्त कार्यवाही
राणा ने दोहराया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
स्टॉक की जांच, रिकॉर्ड की निगरानी का आदेश
कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि विभाग पैक्स के अलावा निजी विक्रेताओं की समय-समय पर जांच करे, उनके स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की निगरानी रखे।
कुछ उद्योगों में यूरिया की अवैध बिक्री की शिकायतों पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए।
खाद की कमी नहीं — अनावश्यक संग्रह न करें किसान
मंत्री राणा ने स्पष्ट कहा कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है, बल्कि समय पर बारिश और अग्रिम बुवाई के कारण डिमांड तेजी से बढ़ी है।
कुछ किसानों द्वारा रबी सीजन के लिए अग्रिम स्टॉकिंग किए जाने से आवश्यकता असामान्य रूप से बढ़ गई।
उन्होंने बताया:
पिछले वर्ष की तुलना में इस सीजन 1.30 लाख मीट्रिक टन अधिक खाद वितरित हो चुकी है।
राणा ने किसानों से अपील की कि वे अभी से खाद का भंडारण न करें।
सरकार द्वारा जरूरत के अनुसार पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी।