भारत ने खाद और फॉस्फेट की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए मोरक्को के साथ रणनीतिक सहयोग को नया विस्तार देना शुरू कर दिया है। रबत (मोरक्को की राजधानी) में हुई उच्च-स्तरीय बैठक में विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा और OCP Group के चेयरमैन एवं सीईओ मोस्तफ़ा तेर्राब के बीच उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने और दीर्घकालिक व्यवस्था स्थापित करने पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
OCP Group भारत का पुराना और प्रमुख फॉस्फेट व उर्वरक आपूर्तिकर्ता है, तथा दोनों पक्ष संयुक्त उपक्रम, फर्टिलाइज़र सप्लाई चेन, कृषि स्थिरता, मृदा-स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने को तैयार दिखे।
OCP Group—भारत की उर्वरक रीढ़
100 वर्ष से अधिक पुराने इस मोरक्को-आधारित समूह की भारतीय फर्टिलाइज़र सेक्टर में बड़ी हिस्सेदारी है।
Paradeep Phosphates में 28% हिस्सेदारी
Chambal Fertilizers के साथ संयुक्त उद्यम Indo Maroc Phosphore SA
भारत की कुल मांग में महत्वपूर्ण योगदान:
•20% रॉक फॉस्फेट आयात
•33% फॉस्फोरिक एसिड आयात
•बड़ी मात्रा में DAP आपूर्ति
•TSP की 100% जरूरत OCP से पूरी
साल 2025 में कंपनी ने भारत को 1.5 मिलियन टन DAP और 1 मिलियन टन TSP सप्लाई के लिए करार किया।
व्यापार व रणनीतिक संबंधों में नई गति
मोरक्को अब भारत का उत्तर अफ्रीका में महत्वपूर्ण सुरक्षा और व्यापार साझेदार बनकर उभर रहा है। दोनों देशों के बीच 40 से अधिक समझौते लागू हैं और सहयोग रक्षा, ऊर्जा, व्यापार व प्रौद्योगिकी तक विस्तार पा रहा है।
मल्होत्रा ने मोरक्को के विदेशी व्यापार सचिव ओमर हजिरा से भी मुलाकात की, जिसमें दवा, ऑटोमोबाइल, आईटी सेवाओं, वस्त्र और कृषि-प्रसंस्करण में निवेश व व्यापार अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।
नवीकरणीय ऊर्जा और खनन सहयोग पर फोकस
ऊर्जा संक्रमण और सतत विकास मंत्री लैला बेनअली के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने
International Solar Alliance
नवीकरणीय ऊर्जा निवेश
सतत खनन वैल्यू चेन
निजी क्षेत्र सहयोग
क्षमता निर्माण
पर विस्तार से बात की—और साझेदारी मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
रक्षा संबंध भी मजबूत—नौसेना अभ्यास और एक्सपोर्ट सहयोग बढ़ेगा
दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने मोरक्को नौसेना के इंस्पेक्टर जनरल रियर एडमिरल मोहम्मद ताहिन से मुलाकात की।
वार्ता में इन पर सहमति बनी—
रक्षा निर्यात सहयोग बढ़ाना
मिलिट्री इंडस्ट्रीज़ के बीच साझेदारी
संयुक्त नौसैनिक अभ्यास और ऑपरेशनल लिंक मजबूत करना
समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण, HADR मिशन और सूचना साझाकरण में सहयोग
INS Tamal ने अगस्त में कासाब्लांका बंदरगाह पर मित्रतापूर्ण दौरा किया और Passage Exercise किया। दिसंबर में INS Tushil ने भी इसी तरह का अभ्यास किया था।
भारत–मोरक्को संबंध अब उर्वरक निर्भरता से आगे निकलकर रक्षा, ऊर्जा और व्यापार साझेदारी के व्यापक ढांचे में बदल रहे हैं।