नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता और कीमतों में गिरावट को देखते हुए स्टॉक लिमिट हटाने का फैसला किया है। खाद्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सरकार के पास गेहूं का भंडार पिछले साल की तुलना में 30 लाख टन से अधिक है, जबकि बाजार में कीमतें ₹100 प्रति क्विंटल से ज्यादा नरम हुई हैं।

सरकार ने 27 मई 2025 को सभी राज्यों में व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और बड़े रिटेलर्स के लिए गेहूं भंडारण की सीमा तय की थी। हालांकि, अब यह सीमा हटा दी गई है। इसके बावजूद, सभी गेहूं भंडारण इकाइयों को हर शुक्रवार खाद्य स्टॉक पोर्टल पर अपनी स्टॉक स्थिति घोषित करना अनिवार्य होगा।

निजी क्षेत्र में भी भरपूर स्टॉक

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) के पोर्टल पर 2025-26 के लिए किए गए स्टॉक खुलासे के अनुसार, निजी संस्थाओं के पास गेहूं का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
मंत्रालय के अनुसार, निजी क्षेत्र में कुल गेहूं स्टॉक करीब 8.1 मिलियन टन है, जो साल-दर-साल आधार पर लगभग 30 लाख टन अधिक है। इससे देश में गेहूं की आपूर्ति स्थिति सहज और संतुलित बनी हुई है।

कीमतों में गिरावट

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, थोक बाजार में गेहूं की कीमतें ₹2,970.10 प्रति क्विंटल से घटकर ₹2,852.30 प्रति क्विंटल रह गई हैं। यह घरेलू बाजार में कमजोर मांग और अधिशेष आपूर्ति का संकेत देता है।
सरकार ने हाल ही में अधिशेष स्थिति को देखते हुए 5 लाख टन गेहूं आटा निर्यात की अनुमति भी दी है।

गेहूं रकबा बढ़ा

इस बीच, चालू रबी सीजन में गेहूं का रकबा बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष के 328.04 लाख हेक्टेयर से अधिक है और सामान्य रकबे से भी ऊपर है।

खाद्य मंत्रालय ने कहा कि एमएसपी पर सुनिश्चित खरीद की वजह से किसान गेहूं की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे एक बार फिर अच्छी पैदावार की संभावना बन रही है।

मंत्रालय के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), अन्य कल्याणकारी योजनाओं और जरूरत पड़ने पर बाजार हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त गेहूं उपलब्ध है। सरकार कीमतों और स्टॉक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि देश में गेहूं की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।