सरकार ने बुधवार देर रात पीली मटर (Yellow Peas) के आयात पर 30 प्रतिशत प्रभावी आयात शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। यह आदेश 1 नवंबर से प्रभावी होगा। सरकार ने यह कदम घरेलू दालों की कीमतों में गिरावट को रोकने और किसानों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया है।
यह निर्णय रबी बुवाई सीजन से पहले आया है, जिससे विशेष रूप से चना (काबुली चना) की कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी। चना भारत की सबसे बड़ी दाल फसल है, जिसकी बुवाई आने वाले दिनों में शुरू होगी।
आयात शुल्क हटने के बाद बढ़े थे सस्ते आयात
दिसंबर 2023 में सरकार ने पीली मटर पर से आयात शुल्क हटा दिया था, जिसके बाद कनाडा और रूस से बड़े पैमाने पर सस्ते आयात शुरू हो गए। इसके चलते घरेलू मंडियों में दालों की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चली गईं।
नए शुल्क के बाद, व्यापार सूत्रों के अनुसार गुरुवार को देशभर की मंडियों में चना के दाम ₹50-100 प्रति क्विंटल, और तूर के दाम ₹25-50 प्रति क्विंटल बढ़े। मसूर के भाव में भी ₹100 प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि पीली मटर के दाम ₹150-325 प्रति क्विंटल तक बढ़कर लगभग ₹3,800 प्रति क्विंटल पहुंच गए।
बाजार पर असर और किसानों की उम्मीदें
कृषि व्यवसाय विशेषज्ञ राजेश पहारिया जैन (मुख्य प्रबंधक, कृषिभारती कोऑपरेटिव – Kribhco Agri Business Ltd) ने बताया,
“पीली मटर का ‘लैंडेड प्राइस’ ₹32-33 प्रति किलो था, जो अब लगभग ₹9 प्रति किलो बढ़ जाएगा। इसका असर अन्य दालों की कीमतों पर भी पड़ेगा।”
वर्तमान में तूर और उड़द की मंडी कीमतें क्रमशः ₹6,100-7,000 प्रति क्विंटल के बीच हैं, जबकि इनके MSP क्रमशः ₹7,000 और ₹7,400 प्रति क्विंटल हैं। मूंग ₹6,600 प्रति क्विंटल और चना ₹5,875 के MSP से नीचे बिक रहे हैं।
किसानों के हित में बड़ा कदम
सरकार ने हाल ही में दालों और तिलहनों की ₹15,095.83 करोड़ की खरीद योजना को मंजूरी दी है, जो तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लागू की जा रही है। इसके तहत भावांतर भुगतान योजना (Bhawantar Bhugtan Yojana) और मूल्य समर्थन योजना (PSS) के माध्यम से किसानों को न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित किया जा रहा है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ माह पूर्व वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर पीली मटर पर शुल्क फिर से लगाने की मांग की थी। अब सरकार का यह निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
विशेष छूट: जिन खेपों का Bill of Lading 31 अक्तूबर या उससे पहले का है, वे इस नए आयात शुल्क से मुक्त रहेंगी।
भारत ने 2024-25 (FY25) में कुल 7.2 मिलियन टन दालें आयात की थीं, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत (2.2 मिलियन टन) पीली मटर का हिस्सा था।