उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी है। 22 अक्टूबर से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, ला नीना के प्रभाव के चलते इस साल सर्दी सामान्य से पहले दस्तक दे सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा, लेकिन 22 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना व्यक्त की गई है।
23 से 25 अक्टूबर तक मौसम फिर साफ रहेगा, लेकिन बर्फबारी वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे मैदानों में भी सर्द हवाओं का असर महसूस होगा।
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, प्रदेश से मानसून की विदाई पूरी तरह से हो चुकी है, और अब सर्दी की शुरुआत का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि ला नीना के प्रभाव के कारण इस बार ठंड का असर ज्यादा और लंबा रह सकता है। पहाड़ी इलाकों में अच्छी बर्फबारी के साथ कई जगह शीतलहर चलने की भी संभावना है।
क्या है ला नीना?
ला नीना समुद्र में घटने वाली एक प्राकृतिक घटना है, जिसका असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ता है। इसके दौरान प्रशांत महासागर के ऊपरी पानी का तापमान सामान्य से नीचे चला जाता है। तेज हवाएं गर्म पानी को पश्चिम दिशा की ओर धकेल देती हैं, जिससे पूर्वी प्रशांत महासागर का पानी ठंडा हो जाता है।
इस ठंडे पानी का प्रभाव एशिया समेत कई हिस्सों में महसूस होता है। भारत में इसके कारण सर्दियां अधिक ठंडी और लंबी होती हैं, जबकि कई बार मानसून की अवधि भी प्रभावित होती है।