लखनऊ में औद्योगिक विकास को नया आयाम देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने राजधानी में फ्लैटेड फैक्ट्री कांप्लेक्स (एफएफसी) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अत्याधुनिक औद्योगिक परिसर अशोक लेलैंड के पास स्कूटर इंडिया की भूमि पर तैयार किया जाएगा।
विभाग ने इसके लिए 400 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की है। पहले इस परियोजना को अमौसी औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित करने की योजना थी, लेकिन वहां उपयुक्त भूमि न मिलने के कारण अब स्कूटर इंडिया की जमीन को इसके लिए चुना गया है।
यह पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स होगा, जिसमें करीब 150 सूक्ष्म और लघु औद्योगिक इकाइयां संचालित होंगी। यहां आईटी, स्पोर्ट्स शूज़, परिधान, खिलौने, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती, मसाले, नमकीन, इलेक्ट्रॉनिक्स, और होजरी जैसे क्षेत्रों की यूनिट्स स्थापित की जाएंगी।
‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर आधारित सुविधा
यह कांप्लेक्स ‘प्लग एंड प्ले’ प्रणाली पर बनाया जाएगा, जिससे उद्यमियों को किसी अतिरिक्त अनुमति या निर्माण प्रक्रिया की झंझट में नहीं पड़ना पड़ेगा। वे सीधे अपनी मशीनें लगाकर उत्पादन शुरू कर सकेंगे। एमएसएमई विभाग ने सभी संबंधित विभागों से पहले ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की तैयारी कर ली है ताकि निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें।
स्कूटर इंडिया भूमि से नए औद्योगिक अध्याय की शुरुआत
स्कूटर इंडिया की 147.49 एकड़ भूमि में से 70 एकड़ हिंदुजा समूह को अशोक लेलैंड की ईवी निर्माण इकाई के लिए दी गई है। यहां इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों का निर्माण किया जाएगा। शेष भूमि को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के अधीन किया गया है, और उसी का हिस्सा यह नया फ्लैटेड फैक्ट्री कांप्लेक्स बनेगा।
छोटे उद्योगों के लिए बड़ा कदम
एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि लखनऊ के बाद गोरखपुर में भी इसी तर्ज पर फ्लैटेड फैक्ट्री कांप्लेक्स बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह कांप्लेक्स भविष्य के छोटे उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इसमें सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी ताकि उद्यमी अपने काम पर पूरा ध्यान दे सकें।”