बचपन के स्कूल जैसे नज़ारे आज लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में देखने को मिले। महापौर सुषमा खर्कवाल ने शुक्रवार सुबह औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई अधिकारी और कर्मचारी देर से दफ्तर पहुंचे। महापौर ने सभी को गेट पर ही रोक दिया और उन्हें कार्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।
स्कूल की याद ताज़ा कर गया नज़ारा
जैसे बचपन में देर से स्कूल पहुंचने वाले बच्चों को गेट पर खड़ा कर दिया जाता था, वैसा ही आज नगर निगम में देखने को मिला। गेट के बाहर खड़े कर्मचारियों को देखकर लोग भी हैरान रह गए और इस घटना की चर्चा पूरे दफ्तर में होती रही।
देर से आने की आदत पर सख्ती
महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि समय पर दफ्तर न आने से नगर निगम का कामकाज प्रभावित होता है और जनता के जरूरी कार्य अधर में लटक जाते हैं। उन्होंने साफ संदेश दिया कि लापरवाही और समय की अनदेखी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार की सख्ती के बावजूद लापरवाह कर्मचारी
निरीक्षण ने यह भी उजागर कर दिया कि योगी सरकार की सख्त हिदायतों और आदेशों के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी समय पालन नहीं कर रहे हैं। महापौर ने स्पष्ट कर दिया है कि अब नगर निगम में कामकाज में ढिलाई सहन नहीं की जाएगी।