महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के बयान ने राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी। 23 अक्टूबर को एक भाजपा कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि सभी मोबाइल और व्हाट्सऐप पर निगरानी रखी जा रही है।
इस बयान के बाद विपक्ष, विशेषकर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत, भड़क गए और बावनकुले के खिलाफ मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
मंत्री की सफाई
बाद में विवाद बढ़ने पर बावनकुले ने शुक्रवार को सफाई दी कि उनका बयान गलत समझा गया। उन्होंने बताया कि भाजपा के लगभग एक लाख व्हाट्सऐप ग्रुप पार्टी के वॉर रूम से जुड़े हैं, जहां कार्यकर्ताओं की गतिविधियों और संवाद पर नजर रखी जाती है ताकि चुनावी कामकाज प्रभावी ढंग से चले।
बावनकुले ने कहा, “हमारे वर्करों के काम, टिप्पणियां और प्रतिक्रियाएं वॉर रूम में देखी जाती हैं। इससे यह पता चलता है कि सरकार की योजनाएं कितनी असरदार हैं और लोगों तक कैसे पहुंच रही हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि पार्टी ग्रुप संदेशों का विश्लेषण करती है और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाती है।
स्थानीय चुनावों पर दावा
बावनकुले ने कहा कि महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी) 51% वोट हासिल करेगा। उनका कहना था, “महा विकास आघाड़ी चाहे जितनी भी एकजुट हो जाए, उसे एक भी जिला परिषद या नगर परिषद नहीं मिलेगी।”
उन्होंने बताया कि हर जिले में तीन नेताओं की कमेटी बनाई गई है ताकि टिकट बंटवारे में विवाद न हो। साथ ही कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि गठबंधन के भीतर मतभेद से बचें और विपक्ष को असली प्रतिद्वंदी मानें।
कांग्रेस में संवाद की कमी
बावनकुले ने यह भी कहा कि कई कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल होने के इच्छुक हैं, क्योंकि उन्हें अपनी पार्टी में संवाद की कमी महसूस होती है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में अच्छे पदाधिकारी किनारे कर दिए जाते हैं, जबकि बीजेपी में कोई भी कार्यकर्ता वरिष्ठ नेताओं से सीधे मिल सकता है। यही हमारी ताकत है।”
इस बयान और सफाई के बाद महाराष्ट्र में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को लेकर सक्रिय हैं।