किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल कंषाना सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। सरकार के दो वर्षों के विकास और सेवा कार्यों ने मुख्यमंत्री का समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का सपना साकार किया है।
मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सोयाबीन और मक्का उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल अनाज और मोटा अनाज में प्रदेश द्वितीय स्थान पर है। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम है।
सिंचाई और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
•वर्ष 2002-03 में सिंचाई का क्षेत्रफल लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर था, जो 2024-25 में 55 लाख हेक्टेयर हो गया।
•अगले तीन वर्षों में इसे 65 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया।
•जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
किसानों के लिए लाभकारी योजनाएँ
•प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत अब तक 1.65 करोड़ किसानों को 6,756 करोड़ रुपये का लाभ मिला।
•प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पिछले दो वर्षों में 12,345 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
•सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के तहत लगभग 6 लाख किसानों ने 13,09,000 मीट्रिक टन सोयाबीन बेचा और 482 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ।
रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना
प्रदेश के 16 जिलों में कोदो-कुटकी की उपार्जन योजना क्रियान्वित की जा रही है। कुल 22,449 किसानों का पंजीकरण किया गया है। खरीफ 2025 में 15,000 मीट्रिक टन कोदो-कुटकी उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खाद और उर्वरक वितरण में सुधार
•यूरिया और डीएपी+एनपीके का बेहतर वितरण किया गया।
•ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों को उनकी फसल और भूमि के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।
भविष्य की योजनाएँ
•ई-विकास प्रणाली के तहत उर्वरक की होम डिलीवरी।
•मौसम आधारित बीमा योजना और भावांतर योजनाएँ।
•नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 1,066 किसानों और महिला स्व-सहायता समूह को ड्रोन प्रदान।
•पराली प्रबंधन और सीबीजी प्लांट के माध्यम से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत विकसित।
•वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित कर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में किसानों की आय और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान।
मंडी बोर्ड और ई-मार्केटिंग
•प्रदेश की 259 मंडियों में ई-मंडी योजना लागू।
•आगामी तीन वर्षों में सभी मंडियों को आधुनिक बनाने की योजना।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाया जाए, किसानों की आय बढ़े, खेती टिकाऊ बने, और मध्यप्रदेश कृषि में देश का नेतृत्व करे।