उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार को लेकर नई आशा जागी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “विकसित भारत जी राम जी” अभियान के तहत गांवों में लगने वाली चौपालों ने आम लोगों में उम्मीद जगाई है कि अब सरकार की योजनाएं वास्तव में गांव तक पहुंचेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर रोजगार, प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर सही तरह से मिले, तो पलायन कम होगा और गांव मजबूत होंगे।

ग्रामीणों की मानें तो चौपालों में अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिलना सबसे बड़ा बदलाव है। पहले योजनाओं की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन अब पोस्टर, बैनर, वाल पेंटिंग और सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार के जरिए लोग खुद योजना पूछने आगे आ रहे हैं।

इस अभियान के तहत रोजगार एवं आजीविका गारंटी से जुड़ी योजनाओं को गांव-गांव समझाया जा रहा है। महिलाओं, युवाओं और मजदूर वर्ग के लोगों को विशेष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कई गांवों में लोगों ने कहा कि अगर प्रशिक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध कराया जाए तो आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा बदलाव दिखेगा।

चौपालों के माध्यम से लोग अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन तक रख पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की यह पहल तभी सफल मानी जाएगी जब हर पात्र व्यक्ति को वास्तविक लाभ मिल सके और प्रक्रियाएं आसान बनाई जाएं। गांवों में बढ़ती चर्चा बताती है कि “हर हाथ को काम” अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि उम्मीद बन चुका है।