नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बीज और कीटनाशक से जुड़े नए कानून लगभग तैयार हैं और इन्हें अगले संसद सत्र में पेश किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सीड एक्ट और पेस्टिसाइड एक्ट का ड्राफ्ट सुझावों के लिए जारी किया जा चुका है, जिनका उद्देश्य नकली और घटिया गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना है।

नकली इनपुट्स पर सख्त कार्रवाई

चौहान ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई किसान को नकली बीज या खराब गुणवत्ता के कीटनाशक देता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने माना कि मौजूदा कानूनों में सजा बहुत कम है और प्रभावी नहीं है, इसलिए नए कानूनों में इसे सख्त बनाया जाएगा। साथ ही, राज्यों के सहयोग से देशभर में अभियान भी चलाया जाएगा।

क्षेत्रीय स्तर पर कृषि रणनीति

इस सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

चौहान ने कहा कि अब एक ही राष्ट्रीय सम्मेलन के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बैठकें की जा रही हैं, ताकि विभिन्न जलवायु और मिट्टी के अनुसार बेहतर कृषि योजना बनाई जा सके।

“देश के अलग-अलग हिस्सों में परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए क्षेत्रवार रणनीति ज्यादा प्रभावी होगी,” उन्होंने कहा।

खाद्यान्न उत्पादन में भारत मजबूत

कृषि मंत्री ने कहा कि देश में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार है और अब भारत आयात पर निर्भर नहीं है।

  • भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन चुका है
  • गेहूं निर्यात में भी देश की मजबूत स्थिति है

तीन प्राथमिकताएं और छह सूत्रीय रणनीति

सरकार की कृषि नीति तीन प्रमुख लक्ष्यों पर आधारित है:

  1. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना
  2. किसानों की आय बढ़ाना
  3. पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना

इसके लिए उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने, उचित मूल्य दिलाने, फसल नुकसान की भरपाई और फसल विविधीकरण पर जोर दिया जा रहा है।

उर्वरक उपयोग पर चिंता

चौहान ने खासकर उत्तर प्रदेश में बढ़ती उर्वरक खपत पर चिंता जताई और कहा कि इसका अंधाधुंध उपयोग मिट्टी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ बागवानी और औषधीय फसलों की ओर रुख करने की सलाह दी।

एल नीनो और कम बारिश की तैयारी

El Niño के कारण संभावित कम बारिश को देखते हुए उन्होंने राज्यों से पानी की कमी को ध्यान में रखकर योजना बनाने को कहा।

किसान आईडी और क्रेडिट कार्ड पर जोर

कृषि मंत्री ने ‘फार्मर आईडी’ पंजीकरण को तेज करने की अपील की, जिससे किसानों को विभिन्न सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

साथ ही, उन्होंने बताया कि अब तक करीब 7.5 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी किए जा चुके हैं, जबकि देश में करीब 13.5 करोड़ किसान हैं। उन्होंने राज्यों से अधिक किसानों को इससे जोड़ने का आग्रह किया।

निष्कर्ष

सरकार नकली कृषि इनपुट्स पर सख्ती, क्षेत्रीय रणनीति और तकनीकी सुधारों के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। आने वाले संसद सत्र में नए कानून इस दिशा में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।