केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब दौरे के दौरान कहा कि पराली प्रबंधन के मामले में राज्य ने जिस स्तर पर सफलता प्राप्त की है, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने बताया कि पंजाब में पराली जलाने के मामलों में 83 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है, जो किसान-समुदाय के प्रयासों और जागरूकता का परिणाम है।
चौहान ने गुरुवार को कई ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया और किसानों के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पराली जलाना सिर्फ खेत साफ करने का माध्यम नहीं, बल्कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता, पर्यावरण और जैविक मित्र-कीटों के लिए हानिकारक है। उनका मानना है कि सहयोग और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से पराली को कचरे के बजाय खेत का खाद्य-संपदा बनाया जा सकता है।
रंसिह कला—6 वर्षों से पराली मुक्त गांव, मिट्टी और फसल दोनों मजबूत हुए
चौहान ने रंसिह कला गांव का भी दौरा किया, जहां पिछले छह वर्षों से पराली नहीं जलाई गई है। गांव के किसानों ने वैज्ञानिक स्ट्रॉ-मैनेजमेंट तकनीक अपनाई, जिसके परिणामस्वरूप:
•खेतों की मिट्टी अधिक जैविक और उर्वर हुई
•रासायनिक उर्वरक का उपयोग 30% तक घट गया
•आलू सहित कई फसलों की गुणवत्ता और आकार बेहतर हुए
चौहान ने कहा कि गांव ने यह सिद्ध किया है कि पराली मिट्टी में मिलाने से पोटाश जैसी प्राकृतिक पोषक तत्व भूमि में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे किसान महंगे उर्वरकों पर निर्भर नहीं रहते। उन्होंने इसे “देश के किसानों के लिए एक विद्यालय” बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की अपील की।
किसानों के साथ संवाद और गांव की सामाजिक पहलें
दौरे के दौरान मंत्री ने ग्रामीणों के साथ मक्की की रोटी और सरसों दा साग का स्वाद लिया, मनजे (खाट) पर बैठकर बातचीत की और गांव में चल रही सामाजिक पहलों की सराहना की। गांव की प्रमुख पहलें शामिल हैं:
 पराली न जलाने पर नकद प्रोत्साहन
 फलदार पौधारोपण पर इनाम
 पुस्तकालय उपयोग बढ़ाने पर पुरस्कार
 प्लास्टिक मुक्त अभियान
 वर्षा जल संचयन एवं नशा-विरोधी अभियान
बाढ़ राहत पर राजनीति गर्म, पारदर्शिता की मांग तेज
दूसरी ओर, राज्य में बाढ़ राहत पैकेज को लेकर राजनीतिक रस्साकशी तेज़ है।
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ राहत पैकेज की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि सहायता राशि को लेकर सरकारों के विपरीत बयान जनता में भ्रम पैदा कर रहे हैं।
वहीं पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि ₹800 करोड़ से अधिक की राशि राज्य को जारी कर दी गई है। बाजवा ने कहा कि “सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिन्होंने बाढ़ से भारी नुकसान झेला।”