केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ‘दालों में आत्मनिर्भरता मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को सीधे इसका लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान बताया गया कि ‘दालों में आत्मनिर्भरता मिशन’ को जिला स्तर पर क्लस्टर बनाकर लागू किया जाएगा, जिसके लिए राज्यों से सहयोग मांगा गया है। श्री चौहान ने कहा कि मिशन के सफल संचालन के लिए संबंधित राज्यों के नोडल अधिकारियों की बैठक शीघ्र आयोजित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इस योजना का उद्देश्य देश के 100 आकांक्षी जिलों में कृषि विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत 11 मंत्रालयों की 36 उप-योजनाओं का एकीकरण किया गया है।
कृषि मंत्री ने संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों, सचिवों और नीति आयोग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए, ताकि योजना के अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंच सकें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में इन दोनों योजनाओं की शुरुआत की थी।
‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी। यह योजना वित्त वर्ष 2025–26 से शुरू होकर छह वर्षों तक चलेगी, जिसके लिए प्रतिवर्ष ₹24,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार, ‘दालों में आत्मनिर्भरता मिशन’ भी छह वर्षों की अवधि में ₹11,440 करोड़ की लागत से लागू किया जाएगा। इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030–31 तक देश में दालों का क्षेत्रफल 275 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर, उत्पादन 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन, और उत्पादकता को 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक पहुंचाना है।