भारत के तेजी से बढ़ते एग्रीटेक सेक्टर में जहाँ कई स्टार्टअप्स मुनाफे के मॉडल की तलाश में संघर्ष कर रहे हैं, वहीं स्टारएग्री (StarAgri) ने सतत लाभप्रदता (sustainable profitability) का एक मजबूत उदाहरण पेश किया है। कंपनी की FY25 में 55% की राजस्व वृद्धि और ₹68.47 करोड़ का शुद्ध लाभ इसे भारत के सबसे स्थायी रूप से सफल एग्रीटेक स्टार्टअप्स में शामिल करती है।
करीब दो दशक पहले स्थापित स्टारएग्री की नींव चार संस्थापकों — अमित अग्रवाल, अमित खंडेलवाल, अमित गोयल और सुरेश गोयल — ने रखी थी। उनका उद्देश्य था किसानों के लिए वित्त, वेयरहाउसिंग और मार्केट एक्सेस को आसान बनाना। आज यह कंपनी प्री-हार्वेस्ट से लेकर पोस्ट-हार्वेस्ट, फाइनेंस और डिजिटल मार्केटप्लेस तक पूरी एग्री वैल्यू चेन को जोड़ने वाला एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म बन चुकी है।
किसानों को औपचारिक वित्त तक पहुँच
स्टारएग्री का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को उत्पाद आधारित वित्त (produce-backed finance) तक पहुँच प्रदान करना है।
कंपनी अपने एनबीएफसी (NBFC) विंग ‘एग्रीवाइज (Agriwise)’ के ज़रिए किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सस्ती ब्याज दरों पर ऋण, वेयरहाउस रसीद (WHR) फाइनेंसिंग, और एआई-आधारित क्रेडिट स्कोरिंग जैसी सेवाएँ देती है।
अब तक कंपनी ने ₹9,000 करोड़ से अधिक के ऋण वितरित किए हैं, जबकि वेयरहाउस रसीद आधारित फाइनेंसिंग ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुँच चुकी है।
कंपनी का कहना है कि अब तक 5 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला है, जिनमें 30% छोटे और सीमांत किसान हैं। FY30 तक यह संख्या 1 करोड़ किसानों तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
वित्तीय मजबूती और नियंत्रण
FY25 में स्टारएग्री की कुल आय ₹1,560.4 करोड़ रही, जबकि EBITDA ₹93.3 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹68.47 करोड़ दर्ज किया गया।
सबसे खास बात — कंपनी ने अपने एनपीए (NPA) को 1% से नीचे बनाए रखा है।
स्टारएग्री ने ₹20,000 करोड़ से अधिक की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) और मजबूत क्रेडिट नियंत्रण के ज़रिए संतुलित वृद्धि हासिल की है।
टेक्नोलॉजी: एग्री फाइनेंस का नया चेहरा
स्टारएग्री का डेटा-ड्रिवन इकोसिस्टम किसानों के वित्तीय व्यवहार और उत्पाद की डिजिटल ट्रैकिंग को जोड़ता है। इससे भविष्य में किसानों के लिए क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम की नींव तैयार हो रही है।
कंपनी का ब्लॉकचेन-आधारित ट्रेसबिलिटी सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि प्लेटफ़ॉर्म पर व्यापार किए जाने वाले कृषि उत्पाद पारदर्शी और सत्यापित हों।
इसकी डिजिटल इकाई एग्रीबाज़ार (AgriBazaar) एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जो Zoho की तरह तकनीकी रूप से सक्षम है, और स्केलेबिलिटी व लाभप्रदता पर ध्यान केंद्रित करता है।
वेयरहाउसिंग में FOCO मॉडल की सफलता
स्टारएग्री का अभिनव “फ्रेंचाइज़ ओन्ड, कंपनी ऑपरेटेड” (FOCO) मॉडल ने इसे पूंजी-लाइट और उच्च लाभ वाला बिज़नेस बनाया है।
कंपनी देशभर में 1,080 से अधिक प्रोफेशनल वेयरहाउस चलाती है, जबकि 1,100 से अधिक फील्ड वेयरहाउस किसानों और ऋणदाताओं के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
यह मॉडल फ्रेंचाइज़ी पार्टनर्स के लिए राजस्व साझेदारी (revenue sharing) का अवसर देता है और कंपनी के लिए कम कैपेक्स, अधिक स्केलेबिलिटी सुनिश्चित करता है।
नई पहलें और भविष्य की योजना
कंपनी अपने AgriBhumi (जैविक इनपुट्स और मिट्टी सुधार), StarAgri Farms (फार्म मैनेजमेंट) और Agrifresh (ताज़ा उपज) जैसी नई पहलों पर भी फोकस कर रही है।
FY26 तक कंपनी का लक्ष्य ₹2,000 करोड़ का टर्नओवर पार करना और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) को 12% से बढ़ाकर 18% करना है।
स्टारएग्री ने हाल ही में ₹450 करोड़ के आईपीओ (IPO) के लिए SEBI में अपने दस्तावेज़ भी दाखिल किए हैं।
स्थायी और जिम्मेदार विस्तार की ओर
कंपनी आने वाले पांच वर्षों में 15–20% वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखने का लक्ष्य रखती है।
संस्थापक अमित अग्रवाल ने कहा,
“हमारा उद्देश्य केवल तेज़ी से बढ़ना नहीं, बल्कि किसानों के लिए एक स्थायी, तकनीक-सक्षम और समावेशी वित्तीय इकोसिस्टम बनाना है। हर किसान को एकल-अंकीय ब्याज दर पर कोलेट्रल-आधारित फाइनेंस मिलना चाहिए — यही हमारा मिशन है।”
स्टारएग्री का सफर यह साबित करता है कि धैर्य, डेटा और अनुशासन के साथ भारत जैसे जटिल एग्रीटेक सेक्टर में भी लाभदायक और स्थायी व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है।