किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुलतानपुर जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित चार जांच टीमों ने मंगलवार को जिले भर में 70 खाद की दुकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि 14 दुकानों से खाद के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने कादीपुर और जयसिंहपुर क्षेत्रों में 22 खाद दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान चार दुकानों से नमूने लिए गए। ओवररेटिंग की शिकायतों और निरीक्षण के समय दुकान बंद कर भागने के मामलों में अनय खाद भंडार खमपुर और सिंह बीज भंडार महमूदपुर सेमरी के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
कृषि निदेशक रामाश्रय यादव ने लंभुआ क्षेत्र में 15 उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया और एक दुकान से नमूना लिया। अनियमितता पाए जाने पर लख्खी ट्रेडर्स का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (वर्ग) सत्येंद्र कुमार ने सदर तहसील की 14 दुकानों की जांच की और आठ दुकानों से नमूने लिए। संभामनी एंड संस, पयागीपुर का गोदाम बंद मिलने और डीएपी स्टॉक में अंतर पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
वहीं भूमि संरक्षण अधिकारी प्यारेलाल ने बल्दीराय तहसील की 19 खाद दुकानों का निरीक्षण किया और एक दुकान से नमूना लिया। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
खाद दुकानों पर हुई इस कार्रवाई से जिले के खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।