मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को देश-विदेश की 25 प्रमुख कंपनियों के 45 वरिष्ठ पेशेवरों से मुलाकात की। इनमें वित्त, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, बेवरेजेज और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स से जुड़े सीईओ, सीएफओ और निदेशक शामिल थे। डब्ल्यूएमजी ग्रुप के तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और राज्य की आर्थिक विकास रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रमुख क्षेत्रों में ₹6,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और सुशासन से प्रभावित निवेशकों ने लगभग ₹6,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। ये परियोजनाएं मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो-रिफाइनरी, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्रों में होंगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर मजबूत भरोसा जताया और बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सक्रिय शासन को मुख्य कारण बताया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा,
“पहले उगाही और संरक्षण एक अनौपचारिक व्यवस्था बन गई थी। मेरी सरकार के पहले ही दिन इस अव्यवस्था को समाप्त करने का संकल्प लिया गया। बीते साढ़े आठ वर्षों में राज्य में न दंगे हुए, न कर्फ्यू लगे और न ही माफिया का दबदबा रहा।”
2017 से पहले के दौर को भूलिए: सीएम योगी
निवेशक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“2017 से पहले का भयावह दौर भूल जाइए। आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षित, स्थिर और अवसरों से भरा हुआ है।”
उन्होंने कहा कि व्यापक सुधारों के कारण आज निवेशकों का भरोसा लौटा है और “निवेशक का हर पैसा सुरक्षित है।”
बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है।
इसके अलावा राज्य में
•देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क
•पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे
•अंतर्देशीय जलमार्ग
•रैपिड रेल परियोजनाएं
•रोपवे और आधुनिक शहरी परिवहन प्रणालियां
तेजी से विकसित की जा रही हैं।
औद्योगिक विकास को नई गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि
•वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना
•डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर
•बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण
राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“उत्तर प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी, इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान हैं। राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण इसका जीवंत उदाहरण है। झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण निवेशकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।”
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से बदली यूपी की छवि
मुख्यमंत्री योगी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें ₹40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जो उत्तर प्रदेश की बदली हुई छवि का प्रमाण है। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश का दौरा कर विकास कार्यों को स्वयं देखने और अन्य राज्यों से तुलना करने का आह्वान किया।
उद्यमी अरुण दुबे सहित कई निवेशकों ने अपने गृह राज्य लौटकर आए बदलावों की सराहना की और बायो-रिफाइनरी समेत अन्य क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई।
विकसित भारत की दिशा में विकसित उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है। राज्य का हर जिला, नगर निकाय और गांव विकास की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। साथ ही निवेश आकर्षित करने के लिए देशभर में संपर्क कार्यालयों का विस्तार किया जा रहा है।