अदरक को भारतीय रसोई की गारंटी कहा गया है। इस फसल का कोई पारंपरिक रकबा नहीं है। कर्नाटक राज्य मसाला विकास बोर्ड के अनुसार, अदरक की खेती में मध्यप्रदेश देश में नंबर वन है, जबकि कर्नाटक में अदरक की खेती का रकबा मध्यप्रदेश के बराबर होने की उम्मीद है।
एक जानकारी अनुसार अदरक, काली मिर्च और हल्दी की खेती में कर्नाटक देश में शीर्ष पांच में है। राज्य में 4.11 लाख हेक्टेयर भूमि से 7.7 लाख टन मसालों का उत्पादन किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 में 1.34 लाख हेक्टेयर भूमि से 1.80 लाख टन मिर्च तथा 20,684 हेक्टेयर भूमि से 1.29 लाख टन हल्दी का उत्पादन किया गया। देश ने वर्ष 2023-24 में 36,956 करोड़ रुपए मूल्य के मसालों तथा मसाला उत्पादों का निर्यात किया है।
इसके साथ ही हल्दी की खेती का रकबा भी बढ़ रहा है, जबकि इलायची की खेती स्थिर बनी हुई है। सुपारी की खेती का रकबा बढऩे से काली मिर्च का उत्पादन भी बढ़ा है। बागलकोट और विजयपुर जिलों में अजवाइन का रकबा बढ़ा है लेकिन अधिक बारिश और कम उपज के कारण पारंपरिक वर्षा आधारित ब्याडगी मिर्च की खेती का रकबा इस बार कम हो सकता है।
गौरतलब है कि अदरक के लिए साधारण तापमान 19-28 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। 1000 से 1200 मिमी के बीच वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में अच्छी तरह से बढ़ता है। अच्छी जल निकासी वाली रेतीली से चिकनी दोमट मिट्टी अदरक के लिए आदर्श होती है ,क्षारीय मिट्टी में फसल अच्छी नहीं होती है।